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Monday, August 17, 2020

मालवा की वैष्णोदेवी के दर्शन शुरू

  पांच माह से बंद थे मंदिर के पट, 

भक्तों को कोरोना महामारी के चलते बरतना होगी सावधानी, 

सेनेटाईजर मशीन गेट पर लगाई, देश के कोने कोने में फैले भक्तों के उत्साह की लहर

नीमच, अंकित जैन । मालवा की वैष्णोदेवी के नाम से प्रसिद्ध भादवामाता मंदिर के पट सोमवार से जिला प्रशासन ने खोल दिए है। दर्शन के लिए भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने कोरोना महामारी को लेकर गाईडलाईन जारी की है, जिसका भक्तों को पालन करना जरूरी है, गृभगृह प्रवेश दर्शन पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा वीआईपी दर्शन भी बंद रहेंगे। मंदिर के गेट के बाहर सेनेटाईजर मशीन लगाई गई है, हाथ को सेनेटाईज करने के बाद ही भक्त् मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है, बिना मास्क के भक्तों को दर्शन करने नहीं दिया जाएगा।

— गाईड लाईन के मुताबिक मंदिर के पट सुबह 8 से लेकर शाम 6 बजे के बीच 3 बार अलग-अलग समय पर खुलेंगे। जबकि रात में मंदिर के पट बंद रहेंगे।

 मंदिर के गर्भगृह में केवल पुजारी को पूजा-अर्चना हेतु प्रवेश करने की अनुमति होगी। सामान्य श्रद्धालु दर्शनार्थी का गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर में प्रातःकालीन एवं सायंकालीन आरती केवल पुजारी द्वारा की जाएगी। आरती के समय किसी सामान्य श्रद्धालु को मंदिर में उपस्थित रहने की अनुमति नहीं होगी।

— मंदिर परिसर में सर्दी, खांसी-बुखार आदि से पीड़ित व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर परिसर में मास्क/फेस कवर पहनकर आने पर ही प्रवेश मिलेगा। धर्मस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को जुते-चप्पल स्वयं के वाहन में खोलकर आना होगा या आवश्यक होने पर जुते-चप्पल प्रत्येक व्यक्ति/परिवार के लिए निर्दिष्ट पृथक स्थान पर स्वयं द्वारा रखे जाएंगे। मंदिर परिसर में लकवा पीड़ित मरीजों के लिए बनाए गए स्नान गृह पूर्णतः बंद रहेंगे।


  •  आरती की थाली, मुर्ति आदि पर चढ़ावा केश के रूप में नहीं दिया जा सकेगा।
  •  डिजिटल ट्रांसफर ऑफ मनी को प्राथमिकता दी जाएगी अथवा दान पेटी में दान दें।
  •  मंदिर परिसर में सामुदायिक रसोई, लंगर, अन्नदान, प्रसादी वितरण आदि बंद रहेंगे।
  •  दर्शन के बाद श्रद्धालु गुर्जर समाज धर्मशाला के पास स्थित गेट से बाहर निकलेंगे।
  •  संचालन समिति श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश एवं निर्गमन व्यवस्था को सुनिश्चित करेगी।
  •  परिसर में स्थित धर्मशाला को खोलने की अनुमति नहीं होगी।
  •  पूजन सामग्री के दुकानदारों को अपनी दुकान पर सैनिटाइजर रखना जरुरी हाेगा।
  •  कतार में 6 फीट की दूरी जरूरी: मुख्यद्वार से कतारबद्ध होकर सोशल डिस्टेंस के साथ एक समय में अधिकतम 10 पुरूष एवं 10 महिला श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी रहेगी।

दिन में तीन बार खुलेंगे मंदिर के पट : मंदिर के पट दिन में तीन बार खुलेंगे, इस दौरान भक्त दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक, दोपहर 12 से 2 बजे तक तथा शाम 4 से 6 बजे तक खुले रहेंगे। रात्रि में मंदिर के पट बंद रहेंगे।

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