कीचड भरे रास्ते से निकलने को मजबूर ग्रामीण - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Wednesday, September 4, 2024

कीचड भरे रास्ते से निकलने को मजबूर ग्रामीण

वीर धुमाई सुर्की गांव का मामला

राजापुर/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । राजापुर तहसील में एक ऐसा भी गांव है, जहां आजादी के 76 वर्ष बीतने के बाद गांव की सड़के दल-दल में तब्दील हैं। तालाब की तरह नजर आ रही है गांव की नालियां व बदबूदार कीचड़ से पटी पड़ी है। लोग दलदल व कीचड़ भरे रास्ते से निकलने को मजबूर हैं। गांव जाते ही लोगों के पांव दलदल में पड़ जाते हैं। बुधवार को जिले की सीमा के वीर धुमाई सुर्की गांव में रास्ता खराब होने से ग्रामीणों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव के रास्ते जलाशय में तब्दील है। गांव के नागमणि ने बताया कि दस वर्षों से डबल इंजन की सरकार महात्मा गांधी के ग्रामीण स्वराज व पं दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपनों को साकार करने को कटिबद्धा है। गांव की मुख्य सड़क टावर से लेकर राजबाबू गौतम के घर तक पूरी तरह से दलदल में

 रास्ते में भरा पानी। 

तब्दील है। गांव में बनी नालियां कीचड़ व दुर्गंध से लोगों का जीना दुभर है। उमस भरी गर्मी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सड़न की दुर्गंध से संक्रामक बीमारियां पैदा हो रही हैं। हैंडपंपों के आसपास पानी की निकासी न होने से मच्छरों की प्रजनन क्षमता बढ़ने से वायरल फीवर मलेरिया जैसी घातक बीमारियां पैदा हो रही है। उप्र सरकार के नियुक्त सफाई कर्मी गांव कभी नहीं आते। हर गली की नालियां कीचड़ से पटी हुई हैं। हफ्ते में एक बार सफाई कर्मी प्रधान के दरवाजे पर आकर पूरे माह की हाजिरी बनाकर चला जाता है। ग्रामीण पप्पू चौहान, समरजीत, सविता, अशोक श्रीवास्तव, राधे सिह ने बताया कि सफाई कर्मी की शिकायत सीडीओ अमृतपाल कौर, बीडीओ पहाड़ी दिनेश मिश्रा व प्रधान से कई बार शिकायत की गई है। भीषण समस्या से निजात दिलाने को कोई सुनने नहीं आया। जिलाधिकारी से समस्या निजात दिलाने व सक्षम अधिकारी से जांच करने की मांग की है।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages