4 दिन में जुटेंगे 15 लाख श्रद्धालु, प्रशासन का मास्टर प्लान- 7 जोन, 21 सेक्टर, 13 पार्किंग - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Tuesday, August 19, 2025

4 दिन में जुटेंगे 15 लाख श्रद्धालु, प्रशासन का मास्टर प्लान- 7 जोन, 21 सेक्टर, 13 पार्किंग

चप्पे-चप्पे पर निगरानी 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । भदई अमावस्या मेला नजदीक है और जिले का पूरा प्रशासनिक तंत्र अलर्ट मोड पर आ चुका है। 21 से 24 अगस्त तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में 12 से 15 लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और संभावित चुनौतियों को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता एडीएम वित्त एवं राजस्व उमेश चंद्र निगम ने की, वहीं एएसपी सतपाल सिंह भी मौजूद रहे। एडीएम ने बैठक के अंत में साफ कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और संतुष्ट होकर चित्रकूट से लौटे। मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की छवि का आईना है। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व मेला प्रभारी पूजा साहू, सीएमओ डॉ भूपेश द्विवेदी, बीएसए बीके शर्मा, सीओ नगर अरविंद वर्मा समेत सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

आगामी भदई अमावस्या मेला के मद्देनजर बैठक लेते एडीएम 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा जाल बिछाया है कि चिड़िया भी पर न मार सके। मेले को 7 जोन, 21 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 11 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 2 कंट्रोल रूम में बाँटा गया है। एडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस अधिकारी की जहां ड्यूटी है, वह मौके पर मौजूद रहेगा। किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सफाई और मूलभूत सुविधाएँ रामघाट और परिक्रमा मार्ग को चमकाने के आदेश दिए गए। नगर पालिका को साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने और चेंजिंग रूम व मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया। श्रद्धालुओं को किसी भी हाल में गंदगी या असुविधा न दिखे- यह एडीएम का सखत निर्देश है। 

निःशुल्क पार्किंग व परिवहन व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं, जो पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे। परिवहन विभाग और रेलवे को हिदायत दी गई कि बसों और ट्रेनों का शेड्यूल पहले से साझा करें, ताकि भीड़ नियंत्रण में परेशानी न हो।

मिलावटखोरों पर शिकंजा फूड सेफ्टी विभाग को निर्देश दिया गया कि मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सखती से रोक लगाई जाए। पूर्ति विभाग को भी गैस सिलेंडर और दुकानों की जांच का जिम्मा सौंपा गया।

नदी सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ सिंचाई विभाग को आदेश मिला कि नदी किनारे प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहें और डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की जाए। स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तैयारी में है- एंबुलेंस, मेडिकल कैंप और डॉक्टरों की टीम मौके पर तैनात रहेगी।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages