ग्रामीणों ने बडे आंदोलन की दी चेतावनी
जिम्मेदारों की मिलीभगत
बरगढ/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । तहसील के ग्राम पंचायत कटैयाडंडी के हालात इन दिनों नारकीय हो चुके हैं। गाँव की गलियाँ कीचड़ और गंदे पानी से लबालब हैं, जिससे ग्रामीणों का निकलना दूभर हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि घर से बाहर कदम रखते ही लोग फिसलकर गिर रहे हैं और कई बार चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी महीनों से गाँव में दिखाई नहीं देता, जबकि उसका वेतन नियमित रूप से निकाला जा रहा है। आरोप है कि यह खेल गाँव के प्रधान और सचिव की मिलीभगत से चल रहा है, जो सफाई कर्मी को घर बैठे तनख्वाह दिलवा रहे हैं।
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| कीचड से भरा हुआ पूरा रास्ता |
18 अगस्त को ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपनी पीड़ा जताई और कहा कि अगर सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त नहीं की गई तो वे मजबूर होकर आंदोलन करेंगे। गंदगी और कीचड़ से जहाँ एक ओर राह चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दूसरी ओर संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब शासन-प्रशासन गाँव की सफाई व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है, तो जमीनी हकीकत इतनी बदहाल क्यों है? कटैयाडंडी का यह हाल बताता है कि योजनाएँ कागजों पर चमकती हैं, जबकि असलियत में गाँव वाले गंदगी और लापरवाही की दलदल में धकेले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।


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