भदई मेला विशेष
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । आगामी भदई अमावस्या पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर आखिरकार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम सक्रिय हुई। लेकिन विभाग का यह अभियान हकीकत में जनहित के बजाय खानापूर्ति ज्यादा नजर आया। बुधवार को परिक्रमा मार्ग खोही (जलेबी वाली गली) और रामघाट क्षेत्र में खाद्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विभाग ने अपना कर्तव्य निभा लेने की औपचारिकता पूरी कर दी। बताया गया कि करीब 25 खाद्य कारोबारियों को बुलाकर लाइसेंस/पंजीकरण की अनिवार्यता, खाद्य सामग्री को ढककर रखने और रेट लिस्ट लगाने जैसे पुराने उपदेश दोहराए गए। वहीं बिना लाइसेंस दुकानों पर
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| खाद्य अधिकारियों की जांच पर मुस्कुराते दुकानदार |
कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। हकीकत यह है कि जिले में खुलेआम मिलावटखोरी और एक्सपायरी सामान की बिक्री पर विभाग की निगाहें अक्सर बंद रहती हैं। निरीक्षण और सैंपलिंग की बातें भले ही जोरशोर से कही गईं, लेकिन जनता के बीच यह धारणा साफ है कि हर पर्व-त्योहार पर विभाग केवल डीएम के दबाव में रूटीन खानापूर्ति करता है। खाद्य विभाग के इस अभियान में सहायक आयुक्त (खाद्य) जयप्रकाश तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर सिंह और विनय कुमार मौजूद रहे। सवाल है कि अगर सच में विभाग सक्रिय है तो फिर दुकानदार खुलेआम बिना रेट लिस्ट और एक्सपायरी सामान बेच कैसे रहे हैं? क्या हर बार केवल डीएम के आदेश पर ही विभाग को नींद से जगाना पड़ेगा?
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