उपदेश यात्रा में व्यस्त विभाग
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले में बुधवार को मनाया गया विश्व मच्छर दिवस स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और खानापूर्ति की एक और बानगी साबित हुआ। सभागार में भाषणों की गूंज थी, शपथ दिलाई जा रही थी, स्लोगन चिपकाए जा रहे थे, लेकिन जिन गलियों में नालियों का पानी उफन रहा है और मच्छरों का साम्राज्य फैला है, वहां किसी अधिकारी का कदम तक नहीं पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए लोग कह रहे हैं कि यह विभाग जमीन पर काम कम और कागजों में अभियान ज्यादा चलाता है। अधिकारी आरामकुर्सियों पर बैठकर भाषण देने में माहिर हैं, लेकिन जब नालियों की सफाई, दवा छिड़काव और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की बात आती है, तो विभाग गायब मोड में चला जाता है। जिले के मोहल्लों में जलभराव की दशा देखकर साफ है कि
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| बच्चों को मच्छरों से बचने की शपथ दिलाता स्वास्थ्य विभाग |
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी केवल पोस्टर और फोटो सेशन तक सीमित रही। शहर में जगह-जगह जमा गंदे पानी से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा मंडरा रहा है, मगर जिम्मेदार उपदेश यात्रा निकालने में व्यस्त हैं। स्थानीय नागरिकों ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग का हाल ऐसा है मानो मच्छर काटें तो भी अधिकारी केवल शपथ दिलाकर इलाज करने की बात कहें। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों स्वास्थ्य विभाग केवल उपदेशों और औपचारिकताओं तक ही सीमित है, जबकि मच्छरों से फैलने वाले डेंगू और मलेरिया का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। जब तक धरातल पर काम नहीं होगा, तब तक विभाग की यह खानापूर्ति सिर्फ दिखावे की रस्म बनकर रह जाएगी।
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