कानपुर, प्रदीप शर्मा - विकास आयुक्त कार्यालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित तथा विस्तार इकाई, सुगन्ध एवं सुरस विकास केन्द्र, कानपुर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, बड़ागाँव, वाराणसी के सहयोग से सुगंधीत पेड़ पौधों की खेती एवं इससे संबंधित उद्योग की जागरूकता के लिये बुधवार को उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम जगतपुर पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज,जगतपुर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 65 छात्राओ एवं अध्यापकों ने भाग लिया। सर्वप्रथम गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मोनिका सकसेना ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा सभी अतिथियों का परिचय करवाया। गृह विज्ञान विभाग की डॉ रीता सिंह ने कार्यकम के बारे में जानकारी दी।
कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार सिंह ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ भक्ति विजय शुक्ला,जय भदौरिया तथा अजय कुमार सिंह, निदेशक साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र के डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने सुगंधि एवं औषधीय की खेती करके कैसे इसका व्यायसायिक उपयोग किया जा सकता है तथा कैसे इससे सम्बंधित उद्यम स्थापित किया जा सकता है इसकी जानकारी दी।इस अवसर पर सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म भी दिखाई, जिससे उपस्थित सभी महिलाओं को केंद्र में उपस्थित सुविधाओं की जानकारी मिल सके।
तकनीकी सत्र में सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र के सहायक निदेशक डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने आस पास कौन कौन सी सुगन्धित पौधों की खेती हो सकती है इस पर विशेष रूप से लेमनग्रास, सिट्रोनिला तथा पमारोसा आदि की चर्चा की तथा प्रदेश सरकार व भारत सरकार से उद्योग स्थापित करने के लिए मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में बतलाया तथा उद्योग लगाने की उत्तर प्रदेश तथा भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के बारे में विशेष कर वित्तिय सहायता वाली योजनाओं के बारे में बतलाया।जय भदौरिया ने महिला उद्यमिता की आवश्कता पर जोर दिया।अजय कुमार सिंह ने हुनर ऐ बनारस पर वृतचित्र दिखाई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रोफेसर मोनिका सक्सेना, प्रोफेसर रीता सिंह, डॉ ज्योतिका श्रीवास्तव, डॉ विनीता सिंह प्रयोगशाला सहायक संगीता गुप्ता मौजूद रहे।


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