कानपुर, प्रदीप शर्मा - चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना के अंतर्गत जनपद कानपुर देहात के विकास खंड झींझक के विभिन्न उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विज्ञान विषय में विशेष रूचि रखने वाले छात्र छात्राओं ने सोमवार को शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत मौसम वेधशाला, विद्यार्थी प्रशिक्षण प्रक्षेत्र, मृदा विज्ञान प्रयोगशाला,सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय कीट विज्ञान तथा पादप रोग विज्ञान आदि विभागों की कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी हासिल की। खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी द्वारा हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया गया। इस भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत विश्वविद्यालय की विभिन्न फैकल्टीज,पुरातात्विक एवं वैज्ञानिक महत्व पर बच्चों को भ्रमण कराया गया। राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशानुसार प्रत्येक छात्र छात्राओं को जूट के बैग में बिस्किट, पानी की बोतल, चिप्स पैकेट,नोटपैड, पेन इत्यादि सामग्रियां उपलब्ध कराई गई। जिससे कि बच्चे भ्रमण के साथ-साथ सूक्ष्म जलपान भी लेते रहें तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को नोट करते रहें। मध्यान्ह में बच्चों व सहयोगी शिक्षकों को
भोजन ग्रहण कराया गया। ।इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक आत्म प्रकाश मिश्रा,प्रदीप कटियार, मंजीत सिंह गौतम,अनीस फातिमा, आलम प्रकाश, मंजेश कुमार, आलोक कुमार गुप्ता, लोकेंद्र कुमार, योगेन्द्र कुमार, शिवानी व्यास, कार्यालय लेखाकार रोशनी पाल,सहित विभिन्न शिक्षकों द्वारा बच्चों को संबंधित स्थलों के संबंध में जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उनके महत्व को समझाया गया। कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट फैकेल्टी डॉ. राजीव कुमार सिंह एवं डॉ. विनीत धीर द्वारा विभिन्न विभागों का बच्चों को भ्रमण कर कर नवीन जानकारी दी गई। शैक्षिक भ्रमण में सम्मिलित बालक बालिकाओं ने बड़ी ही उत्सुकता के साथ समस्त स्थलों का भ्रमण किया। एआरपी अरविंद कुमार सिंह चौहान ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण के कार्यक्रमों से बच्चों में एक अनुभूति जागृत होती है। जिससे वह भारत की विभिन्नताओं जैसे इतिहास ,विज्ञान ,शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकते हैं। समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता ,आत्मविश्वास व भाईचारे की भावना प्रबल होती है। साथ ही वैज्ञानिकता का विकास ऐतिहासिकता , पुरातात्विक खोज, यात्रा वृतांत, बच्चों में लिखने का आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना में कार्य करना बच्चों का मानसिक तथा सांस्कृतिक विकास होता है। शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए एआरपी अरविंद कुमार सिंह चौहान ने पूरी टीम को मार्गदर्शन देते हुए विभागीय निर्देशों के अनुसार शैक्षिक भ्रमण पूर्ण कराया।


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