कानपुर नगर, प्रदीप शर्मा । आगामी फिल्म/वेब कंटेंट ‘घूसखोर पंडित’ के शीर्षक एवं प्रचार सामग्री को लेकर सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति, उत्तर प्रदेश ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने थाना किदवई नगर पहुंचकर थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म से जुड़े निर्माता, निर्देशक एवं अन्य उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध मुक़दमा पंजीकृत किए जाने की माँग की। समिति की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि फिल्म का शीर्षक समाज के एक सम्मानित, पूजनीय एवं सांस्कृतिक रूप से प्रतिष्ठित संबोधन ‘पंडित’ को नकारात्मक, आपराधिक एवं भ्रष्ट छवि के रूप में प्रस्तुत करता है। इससे ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएँ आहत हुई हैं। समिति ने इसे पूरे समाज विशेष को जातिसूचक शब्द के माध्यम से बदनाम करने का प्रयास बताया, जिससे सामाजिक सौहार्द एवं शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति के अध्यक्ष श्री अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर उपाध्यक्ष श्री सुधीर द्विवेदी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि फिल्म निर्माता संघ (FMC) द्वारा उक्त फिल्म/वेब कंटेंट के निर्माताओं को नोटिस जारी किया जा चुका है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि शीर्षक के उपयोग के लिए निर्धारित नियमों के अंतर्गत आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की गई, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इस संबंध में समिति के उपाध्यक्ष सुधीर द्विवेदी ने कड़े शब्दों में कहा कि “‘घूसखोर पंडित’ कोई साधारण शीर्षक नहीं, बल्कि सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश है। ‘पंडित’ जैसे पूजनीय शब्द को अपराध और भ्रष्टाचार से जोड़ना न केवल घोर आपत्तिजनक है, बल्कि यह सामाजिक विद्वेष फैलाने का प्रयास भी है। जब फिल्म निर्माता संघ स्वयं नियमों के उल्लंघन की पुष्टि कर चुका है, तब यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि कानून को चुनौती देने का मामला बन जाता है।”
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि “जानबूझकर भड़काऊ शीर्षक के माध्यम से समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम होंगे। सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति स्पष्ट करती है कि धर्म, संस्कृति और समाज की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी।” ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिना अनुमति और भड़काऊ शीर्षक के साथ सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा प्रचार कानपुर नगर सहित अन्य क्षेत्रों में जातिगत तनाव फैलाने की स्थिति पैदा कर सकता है, जो कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
इस अवसर पर समिति के महामंत्री प्रेम कुमार दीक्षित, रविशंकर तिवारी, अक्षय नारायण तिवारी, मनीष त्रिपाठी, आकाश तिवारी, उत्कर्ष बाजपेई, जितेंद्र अवस्थी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस प्रकार के समाज-विभाजनकारी कंटेंट की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग की। समिति ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि सामाजिक शांति, कानून-व्यवस्था एवं धार्मिक सौहार्द बनाए रखने हेतु फिल्म से जुड़े निर्देशक, निर्माता एवं अन्य उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध शीघ्र विधिक कार्रवाई की जाए।


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