बांदा, के एस दुबे । मडौलीकला अढावल पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष केशव तिवारी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों व ग्रामीणों द्वारा राज्यमंत्री रामकेश निषाद को सौंपे गए मांग पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में यमुना नदी पर अस्थाई तौर से छह से सात माह के लिए पीपे का पुल बनाया जाता हे, जिससे प्रतिदिन लगभग चार से पांच हजार लोगों का आवागमन होता है। यह आवागमन जनपद के अलावा फतेहपुर, हमीरपुर, प्रयागराज और कानपुर जनपद के लोगों का भी रहता है। शेष पांच से छह माह यह आवागमन अस्थाई पुल होने के कारण रुक जाता है। इस दूरी को तय करने के लिए लोगों को 40 से 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ समय और धन दोनों
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| राज्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए समिति के पदाधिकारी। |
का नुकसान भी उठाना पड़ता है। बरसात में यह परेशानी और बढ़ जाती है जब यह क्षेत्र टापू के रूप में परिवर्तित हो जाता है। क्षेत्र से आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली आदि सब कुछ बाधित हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि यमुना नदी पर पुल का निर्माण हो जाता है तो यह आवागमन सुगम हो जाएगा और लोगों को भी सुविधाएं होंगी और इस क्षेत्र की प्रगति भी संभव हो सकेंगी। ज्ञापन देने में राजेंद्र, उदयवीर सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, रामनरेश, दिलीप सिंह, अनूप सिंह, रामेंद्र सिंह, पप्पू, सियाराम सिंह, संजय तिवारी, साजिद, भूरा निषाद व देवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।


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