कानपुर, प्रदीप शर्मा - एफएफडीसी विस्तार इकाई,सुगंध एवं सरस विकास केंद्र कानपुर के तत्वावधान में एरोमा उद्योग पर आधारित एक जागरुकता कार्यक्रम डीएवी कालेज मे सोमवार को आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को इस क्षेत्र में स्वरोजगार, उद्यमिता विकास और बाजार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में एफएसडीसी के प्रभारी सहायक निदेशक डॉ.भक्ति विजय शुक्ला ने कहा कि सुगंध उद्योग आज तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें अगरबत्ती, धूपबत्ती, एसेन्शियल ऑयल, हर्बल उत्पाद, परफ्यूम और अन्य सुगंधित उत्पादों के निर्माण के माध्यम से कम लागत में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कच्चे माल
की उपलब्धता, उत्पादन प्रक्रिया, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन रणनीतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे उद्यमी भी अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुँचा सकते हैं। सीएसजेएम कानपुर विवि के इन्नोवेशन फाउंडेशन के अनिल त्रिपाठी ने कहा कि सुगंध एवं सुरस उद्योग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम उद्घाटन कालेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार दीक्षित ने तथा संचालन प्रो. वीके दूबे ने किया।


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