महिलाओं ने गाए मंगल गीत, वैवाहिक परंराएं भी सादगी के साथ निभाई गईं
बांदा, के एस दुबे । कालिंजर दुर्ग में भूतेश्वर भगवान शिव का विवाह राज पुरोहित द्वारा माता पार्वती के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न कराया। महिलाओं ने मांगलिक वैवाहिक गीत गाए और वैवाहिक पंरपराओं का निर्वहन किया। यह कार्यक्रम दुर्ग स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में पूरे उत्साह व उमंग के बीच संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने खासकर महिलाओं ने भागीदारी की। महाशिवरात्रि के आयोजन के लिए दुर्ग स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के पुजारी गुड्डू सिंह ने भगवान नीलकंठ व देवी पार्वती सहित पूरे मंदिर को विभिन्न रंगों के फूलों से सजाया था। राज पुरोहित दिनेश मिश्रा ने देर शाम द्वारचार की रस्म पूरी करायी। कन्या पक्ष से जजमान बने पुजारी गुड्डू सिंह, मंगल
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| दुल्हा और दुल्हन के रूप में सजे भोलेशंकर और माता पार्वती |
व गोपाल सिंह ने भावर, पाव पूजी व कन्या दान की रस्मों को पूरा कराया। पूरी रात कालिंजर घाटी हरहर महादेव के गगन भेदी जयघोष से गुंजायमान होती रही। क्षेत्रीय विधायक ओममणी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, मुख्य विकास अधिकारी सहित कानपुर, कर्वी, पन्ना, सतना आदि पड़ोसी जिलों के लोग और महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रही। नीलकंठ मंदिर परिसर में जिम्मेदार अधिकारियों ने लाइट की समुचित व्यवस्था नही की थी, जिससे दुर्ग के कंगूरों में लगी स्ट्रीट लाइट की रोशनी में वैवाहिक रस्मे पूरी की गई।
गाजे-बाजे से निकाली शिव बारात
नरैनी। महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों द्वारा गाजे बाजे से शिवबारात निकाली गई। भक्त जमकर झूमते व थिरकते नजर आए। पुष्पेंद्र पांडे व राजा कुशवाहा आदि भक्तों की अगुआई में कालिंजर चौराहा से देर शाम शिव बारात निकाली गई। देवी देवताओं की झांकी और डीजे के साथ नगरवासियों ने भगवान की आरती उतारकर पुष्प वर्षा की। भूत प्रेत की भेष भूषा में सजाएं गए युवक आकर्षण का केंद्र रहे। कटरा मेला मैदान में समापन किया गया। पनगरा गांव में स्थित महादेव परमहंस आश्रम में महंत स्वामी कृष्णानन्द सरस्वती ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों का रुद्राभिषेक कराया। रात भर भजन कीर्तन होते रहे। कई प्रदेशों और कई जिलों से आए संतो और भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।


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