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Monday, February 16, 2026

कालिंजर दुर्ग को मिलेगी नई पहचान, अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर उभरेगा दुर्ग

जिला पंचायत के कार्य अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा ने दी जानकारी 

कालिंजर में तीस करोड़ की लागत से बनेगा ऋषिकुल वैदिक विलेज

बांदा, के एस दुबे । जिल पंचायत द्वारा अजेय दुर्ग कालिंजर के पास 18 किला भूखंडों पर तीस करोड़ की लागत से ऋषिकुल वैदिक विलेज का निर्माण कराया जाएगा जो जनपद के लिए गौरव तथा एक नई पहचान भी होगी। इसके लिए यह निर्माण पब्लिक पार्टनरशिप में बनेगा, जिसमें पूंजीपति, इंजीनियर, शिक्षक, वकील व आम जनमानस निवेश के लिए आमंत्रित होंगे। इस प्रस्तावित कार्य का प्रोजेक्ट कलिंग आर्किटेक्टर प्रा.लि. कानपुर द्वारा व जिला पंचायत के कार्य अधिकारी के निर्देशन में तैयार किया गया है। जिला पंचायत के कार्य अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार

डॉ. सुजीत 

मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि ऋषिकुल वैदिक विलेज बनने पर कालिंजर दुर्ग एक नई पहचान के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना मात्र पर्यटन केंद्र नहीं, बल्कि एक कान्सियस वे आफ लाइफ की भावना पर आधारित एक समग्र जीवनशैली ग्राम है जो पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ऋषिकुल वैदिक विलेज परियोजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें ध्यान मंडप जो आंतरिक शांति और सामूहिक चेतना का केंद्र होगा। इसी प्रकार से सरस्वती वैदिक केंद्र, नक्षत्र डेक जिसमें ब्रह्माणी अनुभव और खगोलीय स्थिति का अवलोकन किया जा सकेगा।
ऋषिकुल वैदिक विलेज का मॉडल 


योग डेक और मेडिटेशन गार्डेन, रेजिडेंशियल कलस्टर एवं गेस्ट डवेलिंग्स, हाइर्डोथेरेपी पूल एवं पंच कर्मा हीलिंग यूनिट आदि शामिल हैं। जिला पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी श्री मिश्र ने बताया कि यह विलेज 6 फेज में बनाया जाएगा। एक फेज की लागत पांच करोड़ है। इस तरह इस पर तीस करोड़ की लागत आएगी।


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