प्राधिकरण सचिव ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Saturday, April 11, 2026

प्राधिकरण सचिव ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि  । जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में शुक्रवार को जिला कारागार में इला चैधरी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला कारागार में संचालित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। जिसमें अनुरक्षित समस्त पंजिकाओं को देखा गया। समस्त पंजिकाओं की प्रवृष्टियां नियमानुसार अंकित पायी गईं। लीगल एड क्लीनिक में नियुक्त पैरालीगल वालेण्टियर्स को निर्देशित किया गया कि यदि कोई बन्दी अपने मुकदमें की पैरवी के लिए व्यक्तिगत अधिवक्ता करने में अक्षम है, तो नियमानुसार पत्राचार करते हुए अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से बन्दी के मुकदमें की पैरवी के लिए अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं।



इसी क्रम में जिला कारागार में बन्दियों के हित में नशीली दवाओं, धूम्रपान एवं शराबखोरी का उन्मूलन विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में सचिव जिला विधिक द्वारा बताया गया कि शराब और नशीली दवाओं का सेवन उनके लिए, उनके परिवार, दोस्तों और पूरे समाज के लिए बेहद खतरनाक है। युवाओं में नशीली दवाओं और शराब का सेवन सड़क दुर्घटनाओं, हिंसा, आत्महत्या, शैक्षणिक असफलता और अन्य जोखिम भरे व्यवहारों से सीधे तौर प्रभावित करता है। नशे के सेवन से व्यक्ति का शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान होता है।


कुलदीप सिंह सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा बताया गया कि नशे के सेवन या दवाओं को असुरक्षित तरीके से उपयोग करने के कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को और भी बदतर बना सकता है। शराब के सेवन से लीवर रोग, हृदय रोग, मधुमेह, अल्सर और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं, तथा नींद की समस्याएँ होती है। इसलिए हर व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।  बन्दियों के मध्य बताया गया कि ऐसे बन्दी जिनकी अपीलें उच्च न्यायालय में दाखिल करने में कोई कानूनी समस्या आती है, तो वे अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसी क्रम में महिला बैरक का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महिला बैरक में 19 महिला बन्दी निरूद्ध पायी गईं। महिला बन्दियों से समस्याओं के बारें जानकारी प्राप्त की गयी। किसी महिला बन्दी द्वारा किसी प्रकार की समस्या से अवगत नहीं कराया गया। 


सचिव इला चैधरी द्वारा आगामी 15 अप्रैल को होने वाली अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी के विषय में चर्चा की गयी। अधीक्षक जिला कारागार को पात्र बन्दियों का विवरण निर्धारित प्रारूप पर कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया। समिति द्वारा प्राप्त सूचना व आंकणों की समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर कुश कुमार सिंह अधीक्षक जिलाकारागार, सुनील कुमार वर्मा जेलर, गुलाब सिंह यादव उपकारापाल, योगेन्द्र सिंह सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल आदि मौजूद रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages