प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में निकाला गया शव
सुरतिया ने कल एसपी की ड्योढी में लगाई थी गोहार
प्रशासन की फौरी कार्यवाही से मसुरी के ग्रामीणों में हर्ष
बांदा, के एस दुबे । शिकायतों का समाधान अगर समय से होने लगे तो फिर रामराज्य की कल्पना करना बेमानी नहीं होगी। गिरवां थाना क्षेत्र के ग्राम मसुरी निवासी सुरतिया ने कल पुलिस अधीक्षक की ड्योढी में अपनी नाबालिग पुत्री के साथ हुए दुष्कर्म सहित अपहरण कर हत्या किये जाने का आरोप गांव के ही एक युवक व उसके साथी पर लगाया था। मृत पुत्री मैना के शव को बिना पुलिस को सूचना दिये गांववासियों के कहने पर सुरतिया ने दफना दिया था। मैना के शव को आज जिलाधिकारी से अनुमति लेने के बाद प्रशासनिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने कब्र में दफन शव को बाहर निकाला और जांच के लिये भेज दिया। गौरतलब हो कि 2/3 अप्रैल की रात मैना का शव
संदिग्ध हालत में उसकी मां सुरतिया को मिला। गांव वालों के कहने पर सुरतिया ने अपने पुत्री के शव को गांव मसुरी में ही दफना दिया। कल 10 अप्रैल को सुरतिया ने पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की ड्योढी में खड़े होकर गोहार लगाई कि उसकी पुत्री मैना के साथ गांव के अनुज नामक युवक ने दुष्कर्म किया और अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। सुरतिया ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी बताया था कि उसका पति और तीन बेटे परदेश में रहकर मजदूरी करते है। पीडिता सुरतिया ने आरोपी युवक पर आरोप लगाया कि घटना दिनांक से लगभग 15 दिन पूर्व जब वह पेशाब करने के लिये रात एक बजे उठी तो मेरी आहट पाकर घर के भीतर अनुज भाग रहा था मैने उसकी बनियान पकड़कर खींची और जो मेरे हांथ आ गयी और चड्ढी उसकी घर पर ही छूट गयी। मैना ने मुझे बताया कि आरोपी अनुज आये दिन मुझे छेड़ता है और जबरिया बलात्कार करता था। दूसरे दिन अनुज के माता पिता से शिकायत भी दर्ज करायी गयी तो उन्होंने मुझ पीड़िता को धमकी दी अगर पुलिस में शिकायत की जो ठीक नहीं होगा। पीड़िता ने बताया कि उसका पति और उसके पुत्र परदेश में रहकर मजदूरी करते हैं।
सुरतिया की शिकायत पर आज क्षेत्राधिकारी नरैनी कृष्णकांत ने मीडिया से मुखातिब होते हुये कहा कि जिलाधिकारी के आदेश मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में पुलिस ने मैना के दफन शव को बाहर निकाला। शव का पोस्टमार्टम कराया जाये, जांच के दौरान जो तथ्य सामने आयेंगे, नियमानुसार कार्यवाही को अंजाम दिया जायेगा। हालांकि मसुरी गांव के वाशिन्दों ने बताया कि जिस तरह से जिला प्रशासन और पुलिस के द्वारा 24 घंटे के भीतर फौरी तौर पर कार्यवाही की गयी है यह प्रशासन का गुडवर्क है। अगर प्रशासन इसी तरह से समस्याओं का निस्तारण करने लगे तो फिर आम जनमानस को काफी राहत मिल जायेगी।
ग्रामीणें के कहने पर दफना दिया था मैना को
जमीन में दफन मैना का शव बाहर निकलने के बाद मीडिया के सामने आई मां सुरतिया ने मैना का शव उसने गांव वालों के कहने पर दफना दिया था, जब गांव वालों ने मुझ पर आरोप लगाना शुरू किया तो मैंने पुलिस में शिकायत कर मैना के शव को बाहर निकलवाया ताकि मेरी बेटी के हत्यारों को सजा मिल सके। घटना की सच्चाई क्या है यह तो पोस्टमार्टम और पुलिस की जांच रिपोर्ट बतायेगी, लेकिन जिस तरह से मैना के शव को पहले दफनाया गया और बाद में उसको शिकायत करने के बाद निकलवाया गया, अपने आप में मामले को गंभीरता की ओर घसीटता है।


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