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Thursday, July 23, 2026

28 से 3o जुलाई तक जानकीकुण्ड चिकित्सालय में होगा जटिल अस्थि रोग निदान शिविर का आयोजन

स्व.अरविंद भाई एवं स्व. पद्मश्री डॉ बी के जैन ने कैंप के माध्यम से जगाई थी अलख

शिविर में दिब्यांगों को बांटे जाएंगे निःशुल्क कैलीपर्स व अन्य उपकरण

चित्रकूट, , सुखेन्द्र अग्रहरि - परमहंस संत रणछोड़ दास  जी महाराज द्वारा स्थापित संस्थान श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित जानकीकुण्ड चिकित्सालय में प्रतिवर्ष की बात इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष में  37 वें जटिल अस्थि रोग निदान शिविर का आयोजन हो रहा है। इस  शिविर में परंपरागत डॉक्टर मनोज पटेल एवं उनकी टीम एवं जानकी चिकित्सालय के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ महेश होसामने  द्वारा संस्थान में मरीजों को सेवाएं प्रदान की जाएगी। डॉक्टर मनोज पटेल एवं उनकी टीम 28 जुलाई से 30 जुलाई तक अपनी सेवाएं देंगे इस दौरान जटिल अस्थि रोग के निदान हेतु ऑपरेशन भी किए जाएंगे इस शिविर में पोलियो द्वारा हुए विकलांग व घुटनों का प्रत्यारोपण रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन आधुनिक विधि द्वारा एवं हड्डियों की टूट-फूट इत्यादि का इलाज एवं


ऑपरेशन किए जाएंगे। वहीं इस लगने वाले  शिविर के बारे में श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं  डायरेक्टर ने डा इलेश जैन ने  जानकारी देते हुए बताया कि पहले काफी लोग पोलियो कि बीमारी से ग्रसित रहते थे जिसको लेकर ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष स्व. अरविंद भाई मफ़त लाल और स्व. पद्मश्री डॉ बी के जैन जो मानव सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया साथ ही  गरीब, असहाय,वंचितों के लिए चिंतित रहते थे, कि इन इन असहायों को किस तरह से बेहतर ईलाज  सुविधा दी जा सके।ऐसे कर्मयोगियों ने कैंप का माध्यम चुना और ट्रस्ट बोर्ड की बैठक कर मानव सेवा का यह पुनीत मार्ग चुना। बैठक के बाद  ट्रस्ट बोर्ड ने चित्रकूट और चित्रकूट के आस पास के लोगो को लाभ पहुंचाने के लिए 1987 में पहला पोलियो शिविर का आयोजन किया । वहीं  जानकीकुंड चिकित्सालय की वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ पूनम आडवाणी ने बताया कि भारत सरकार ने देश को पोलियो मुक्त करने के लिए वैक्सीनेशन और पोलियो ड्रॉप के माध्यम से देश मार्च 2014 में देश को पोलियो घोषित कर दिया । पोलियो मुक्त देश के बाद से इस शिविर को जटिल अस्थि रोग निदान शिविर के नाम से लगाया जाता है। जिससे यहां के लोगो को हड्डी संबंधी बीमारियों से काफी निजात दिलाई जा सके साथ ही उन्होंने बताया कि इस शिविर में निःशुल्क कैलिपर्स व अन्य उपकरण भी वितरित किए  जाएंगे जिसके लिए निवास प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र दो फोटो साथ में लाने की आवश्यकता है। वहीं निदेशक डा इलेश जैन ने चित्रकूट और चित्रकूट के आस पास के  लोगो से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगो को हड्डी रोग संबंधी बीमारी हो ओ लोग इस शिविर में आकर अपने आपको दिखाएं और ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

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