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Monday, July 6, 2026

भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करना ही डॉ. मुखर्जी का मुख्य उद्देश्य थाः कल्लू सिंह राजपूत

डॉ. श्यामा मुखर्जी की जयंती पर भाजपाइयों ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन

बांदा, के एस दुबे । महान राष्ट्रवादी चिंतक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्र की एकता व अखंडता के प्रखर पुरोधा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत ने डॉ. मुखर्जी के जीवन और उनके संकल्पों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए डॉ. मुखर्जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। उनका अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रनिष्ठा और एक देश, एक विधान, एक निशान का अटल संकल्प आज


भी प्रत्येक भारतवासी को राष्ट्रहित सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन साहस और माँ भारती के प्रति अटूट समर्पण का एक प्रेरक उदाहरण है। उनके व्यक्तित्व में विद्वता, जनसेवा और उच्च नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम था। उन्होंने पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष किया। वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को हटाया जाना, उनके इसी ऐतिहासिक संघर्ष को सच्ची श्रद्धांजलि है।

डॉ. मुखर्जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब मिलकर प्रतिदिन एक ऐसे सशक्त, एकजुट और आत्मविश्वास से भरपूर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास करें, जिसकी परिकल्पना उन्होंने की थी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य रूप से निखिल सक्सेना, ममता मिश्रा, अमित सेठ भोलू, आनंदी साहू, उत्तम सक्सेना, दुर्गा चौरसिया, रूपा चौहान, देशराज सिंह, दिलीप तिवारी, श्यामबाबू पाल और रमन सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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