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Tuesday, August 25, 2026

रंगोली एवम् सेल्फी के साथ सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में हुआ 41वे नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ

नेत्रदान बने जन जन का अभियान, स्व. पद्मश्री डॉ बी के जैन

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि - परमहंस संत रणछोड़ दास जी महाराज के कर कमलों द्वारा  स्थापित श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट एवम् विश्वख्याति प्राप्त सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में आज 41वें नेत्र दान पखवाड़े का शुभारंभ हुआ। इस सुभारंभ के अवसर पर  रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, लोगो को रंगोली के माध्यम से नेत्रदान के प्रति जागरूकता लाने का काम किया गया। इस रंगोली प्रतियोगिता में ट्रस्ट द्वारा संचालित सभी विद्यालयों की छात्राओं,चिकित्सकों एवम् चिकित्सालय स्टॉफ की महिलाओं ने प्रतिभाग किया कुल मिलाकर इस रंगोली प्रतियोगिता में 7 टीमों ने प्रतिभाग  किया। एवम् चिकित्सालय में बने सेल्फी प्वाइंट पर लोगो ने सेल्फी लेकर नेत्र दान


करने की शपथ ली।यह नेत्र दान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक चलेगा इस दौरान अलग अलग दिनों में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमे नेत्र दान के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए नेत्रदान जागरूकता रैली,नुक्कड़ नाटक,हस्ताक्षर अभियान,विद्यालयों में भाषण एवम् पोस्टर प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम आयोजित होगे।

इस मौके पर सदगुरू महिला समिति की अध्यक्षा श्री मति ऊषा जैन ने रंगोली का अवलोकन कर सभी प्रतिभाग करने वाली टीमों का उत्साहवर्धन किया और नेत्रदान को लेकर उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान करने से दो लोगों की जिंदगी में उजाला आ जाता है इसलिए इस पुनीत कार्य में हम सब लोगों को आगे आकर बढ़कर हिस्सा लेना चाहिय। वहीं सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक एवं ट्रस्टी डॉ इलेश जैन ने बताया कि 25 अगस्त से 8 सितंबर तक पूरे देश में नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है, उन्होंने कहा कि पखवाड़ा मनाना और उसको जीवंत रूप देना अलग बात है,उन्होंने बताया कि स्व पद्मश्री डॉ  बी के जैन इसे पखवाड़ा तक ही सीमित नहीं रखना चाहते थे इसे हर रोज और हर चित्रकूट क्षेत्र वासियों सहित हर देश वासी अर्थात जन जन  का अभियान बनाने की सोच थी। इसी सोंच के चलते स्व डॉ जैन ने सबसे पहले अपने ही घर से अपनी माता जी का नेत्रदान करवाया और खुद भी अपने परिवार से कहा था कि मेरे  मरणोपरांत मेरी आँखे दान जरूर कर देना जिससे किसी की जिंदगी में उजाला हो सके और उसका जीवन हरा भरा हो सके, और 27 फरवरी 2026 को जब उन्होंने दुनिया से अलविदा कहा तो उनका नेत्रदान कराकर इस पुनीत कार्य का हिस्सा बनाया गया। अंत में उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में हम सबको आगे आना होगा तभी हम देश से कार्निया जनित अंधत्व को कम कर सकते है। वहीं  कार्निया विभाग प्रमुख वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ गौतम सिंह परमार  ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को जाति ,धर्म, ऊँच नीच का भेदभाव मिटाकर ये संकल्प लेना चाहिए कि इस महादान को लेकर समाज में तमाम तरह की फैली गलत भ्रांतियों की अवधारणा दूर करने में बढ़चढकर सहयोग करे जिससे देश से अंधत्व मिटाया जा सके। इस मौके पर परम पूज्य गुरुदेव भगवान की अनन्य  शिष्या श्री मती रमा बेन हरियाणी, धीरू भाई हरियाणी,डा अशोक एवं  मीडिया प्रभारी वीरेंद्र शुक्ला सहित नेत्र चिकित्सालय के सभी चिकित्सक एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहे।

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