ग्रामीणों ने डीएम की चौखट पर लगाई न्याय की गुहार
बाँदा, के एस दुबे । सद्भावना सेवा मंच के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता राजा के नेतृत्व में अपने पदाधिकारीयों सहित जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया गया जिसमें बताया गया कि ग्राम पंचायत- गुरेह तहसील सदर,जनपद बांदा में अत्यंत गरीब एवं भूमिहीन परिवारों को आज से 45 - 50 वर्ष पूर्व में शासन / सरकार द्वारा *श्रेणी-3* के अंतर्गत कृषि पट्टै आवंटित किए गए थे, जिन्हे भूमिहीन मजदूरों ने अपना खून पसीना एक कर कृषि योग्य बनाया है और तब से लेकर आज तक हम इनमे खेती कर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण जीविकोपार्जन कर रहे है और लगातार काबिज है।इनके आय का मुख्य श्रोत मजदूरी है और इन पट्टों के अतिरिक्त इनके पास अन्य कृषियोग्य
कोई भूमि नहीं है,वर्तमान में प्रशासन द्वारा उक्त श्रेणी-3 के अधिकांश पट्टों को बिना उचित जांच के बंजर/खलिहान /पंचायत भवन आदि में दर्ज कर दिया गया है,जिसमे गांव के कुछ असामाजिक तत्वों के उकसाने पर गांव के लेखपाल द्वारा इनके खेत हड़प कर उनमे जबरदस्ती वृक्षारोपण के बहाने अन्य लोगो का कब्ज़ा दिलाने की साजिस का कार्य कराया जा रहा है। जिसके कारण पट्टा धारक परिवार अत्यंत दयनीय स्थिति में आ गए हैं। अधिकांश परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और उनके पास जीविकोपार्जन का कोई अन्य साधन नहीं है। पट्टा, निरस्त होने से वे भुखमरी व आत्मदाह के कगार पर पहुंच गए हैं। जिनकी मांग है कि ग्राम पंचायत गुरेह के जिन-जिन गरीब पट्टाधारकों के *श्रेणी-3* के पट्टे निरस्त हुए हैं,उनकी सूची बनाकर उनकी पात्रता की जांच कराकर बहाल करने की कृपा करें,ज्ञापन में मुख्य रूप से संगठन के प्रमुख महासचिव कुदरत उल्ला, कोषाध्यक्ष वृंदावन वैश्य, आर के समुद्र, निलेश श्रीवास, नेतराम वर्मा, अरविंद खटीक, अनमोल जड़िया, अर्जुन अनुरागी, पीयूष आनंद, रईस खान, किशन यादव, हिमांशु वैश्य, अमित नामदेव, गुलशन सोनी, सूरजवंशी, कमलेश, बाबूलाल, जग प्रसाद, भूननू, बिंदु कुमार, शिवप्रसाद, भगवानदीन आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे l


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