बांदा, के एस दुबे । नगर के विभिन्न वार्डों में लगातार हो रहे जलभराव ने जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज बारिश में कई नाले ओवरफ्लो होने से सड़कों और मोहल्लों में पानी भर जाता है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर में बढ़ती आबादी और लगातार हो रही प्लाटिंग के कारण कई पुराने तालाब व जल संचयन क्षेत्र समाप्त हो चुके हैं। वहीं कई स्थानों पर नाले और नालियों पर अतिक्रमण होने से पानी की निकासी बाधित हो रही है।
ऐसे में नगर पालिका परिषद को सभी नालों का सर्वे कराकर आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण और गहरीकरण कराने के साथ नालों पर किए गए अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाना चाहिए। लोहिया पुल सहित जलभराव वाले प्रमुख क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था का भी स्थायी समाधान जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अभी से दूरगामी योजना बनाकर नालों की क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले वर्षों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसके लिए नगर पालिका, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ठोस कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है।


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