बांदा, के एस दुबे । अंधेरगर्दी और मनमानी की सीमा पार करने वाले नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मियों ने नाली और नाले की सफाई करने में इसलिए फेल की जहाँ से सुविधा शुल्क नहीं मिला वहाँ रश्म अदायगी की। जबकि अराजकता फैलाने वालों के पलेर बने सफाई कर्मचारियों को रुपये मिले तो उनकी हा हुजूरी में डूबे कर्मियों ने स्वार्थपूर्ति जाहिर की। यह वाक्या शहर के छोटी बाजार जैन धर्मशाला के समीप कमतू फाटक के अन्दर शीतला माता मंदिर का है। स्थानीय जन बताते हैं कि चार दसक से अधिक वक्त पुरानी नाली का पानी खिन्नी नाका सरकारी स्कूल
स्थित नाले में गिरता है। स्थानीय जनों ने बताया कि पखवारे भर पूर्व नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक से नाली उफनाने पर अवगत कराया। जिसमें उनके निर्देश को सफाई कर्मियों ने अनसुना कर तीन दिन बाद आये। मंगलवार को इस बाबत नपा इंस्पेक्टर हेमन्त प्रसाद से बात की तो बताया कि लापरवाही और मनमानी करने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। अभी दो दिन पूर्व सफाई करने आये कर्मियों ने अराजकता की वैचारिकता रखने वाले एक घराने के लोगो के पक्षधर बनते हुए कर्मियों ने ऐसी सफाई की कि नालिया फिर उफनाई और कुलिया देर वक्त तक जलमग्न रही। जिससे आवागमन में लोग अव्यवस्था के जिम्मेदारो और अराजकता रखने वालो को जमकर कोसते नहीं थकते रहे।


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