चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : बाल श्रम उन्मूलन, बंधुआ श्रम की रोकथाम और श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा के लिए मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई। जिसमें उन्होंने जिले को नवंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीडीओ ने कहा कि बाल श्रम बाहुल्य क्षेत्रों, हॉटस्पॉट और स्थानीय बाजारों में चिन्हांकन, पुनर्वास एवं अभियोजन की कार्रवाई के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। ग्राम पंचायत, विकासखंड और वार्ड स्तर पर होने वाली बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठकों में भी इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाई जाए। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम न कराने की अपील की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस-ट्रेडर्स) की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों और लघु व्यापारियों का लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। पात्र लाभार्थी 18 से 40 वर्ष की आयु में पंजीयन कर 60 वर्ष की उम्र के बाद तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सीडीओ ने बंधुआ श्रम के मामलों पर सतर्कता और औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी के निर्देश दिए। इस मौके पर सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


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