9 वर्षीय पार्थ झा ने रचा विश्व स्तरीय कीर्तिमान, 2 मिनट में पहचाने 200 देशों के झंडे
इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
बांदा, के एस दुबे । जनपद सहित प्रदेश और देश के लिए गर्व का पल है। मुंबई निवासी बांदा का लाल जिसने विश्वस्तरीय रिकॉर्ड बनाकर बड़ा कीर्तिमान हासिल किया और देश का मान बढ़ाया। महज 9 साल 6 महीने 26 दिन के नन्हे सितारे पार्थ झा ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े जानकार भी नहीं कर पाते। पार्थ ने महज 2 मिनट में 200 देशों के झंडों को पहचान कर उनके नाम बता दिए और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस अद्भुत उपलब्धि के लिए इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ऑफ एक्सीलेंस बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने पार्थ झा को "Fastest to Identify 200 Flags and Recite Their Names (Pre-Teen)" का वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रदान किया है। 1 जून 2026 को मुंबई, महाराष्ट्र में
पार्थ ने यह रिकॉर्ड बनाया। संस्था ने उन्हें रिकॉर्ड होल्डर सर्टिफिकेट, गोल्ड मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। पार्थ की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों और शिक्षकों में खुशी की लहर है। कम उम्र में दुनिया के 200 देशों के झंडों की पहचान करना और उन्हें याद रखना उनकी असाधारण स्मरण शक्ति और ज्ञान का प्रमाण है। संस्था ने पार्थ की इस प्रतिभा को सलाम करते हुए कहा - "Salute The Talent" कहा है।नन्हे पार्थ की इस उपलब्धि ने न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया है। बांदा में निवास कर रहे परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों ने कहा कि युवाओं को पार्थ झा की इस उपलब्धि से छात्र छात्राओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। नन्हें पार्थ ने विश्वस्तरीय रिकॉर्ड बनाकर जनपद ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे भारत का सिर ऊंचा कर दिया है। सभी ने पार्थ झा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


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