ठेले-खोमचे और फास्ट फूड दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमारी
बांदा, के एस दुबे । शहर कोतवाली क्षेत्र के झील के पुरवा स्थित बीएल आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क और सख्त रुख में नजर आ रहा है। मौत का प्राथमिक कारण फूड प्वाइजनिंग बताए जाने के बाद खाद्य एवं रसद विभाग की टीम ने शहर भर में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के तहत विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित झोपड़पट्टियों, ठेलों और सड़क किनारे संचालित मोमोज, चाट-बर्गर, फिंगर चिप्स तथा अन्य फास्ट फूड की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बिक रही सामग्री के गुणवत्ता की जांच की और संदिग्ध पाए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए भेजा।
छापेमारी के साथ-साथ अधिकारियों ने दुकानदारों व ठेले वालों को सख्त हिदायत दी कि वे दुकानों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही खाद्य पदार्थों को तैयार करने में किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल, मिलावटी तेल या घटिया रंग का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। हाल ही में हुई दो मासूम छात्रों की मौत से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि घटना के बाद प्रशासन और विभाग कार्रवाई मोड में दिखाई दे रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर इसी तरह की नियमित जांच और सख्त कदम उठाए, तो ऐसे दुखद हादसों को होने से पहले ही रोका जा सकता है।


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