बाहर की दवा लिखने और एक्स-रे विभाग में हाथापाई के आरोपों से गरमाया माहौल
बांदा, के एस दुबे । जिले के प्रतिष्ठित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों और व्यवस्थागत खामियों के घेरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आए पहले वीडियो में एक जूनियर डॉक्टर मरीज को कथित रूप से अस्पताल के बाहर से दवा खरीदने की सलाह देता और एक विशिष्ट मेडिकल स्टोर का नाम बताता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो सामने आते ही यह सवाल उठने लगा
है कि जब सरकारी मेडिकल कॉलेज में दवाओं का पर्याप्त बजट और आपूर्ति मौजूद है, तो मरीजों को बाहर से महँगी दवाएँ खरीदने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी वकीलों और समाजसेवियों ने डॉक्टरों पर बाहर की दवाएँ लिखने और कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।
दूसरा वीडियो मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे विभाग का बताया जा रहा है। इसमें कथित तौर पर एक जूनियर डॉक्टर और एक्स-रे टेक्नीशियन के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई होती दिखाई दे रही है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, कर्मचारियों और डॉक्टरों के बीच खुलेआम मारपीट का मामला अनुशासनहीनता की चरम सीमा को दर्शाता है। इन दोनों घटनाओं ने आम और गरीब मरीजों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। एक ओर जहाँ मरीजों को मुफ़्त इलाज और दवाओं की उम्मीद में मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आर्थिक बोझ और अराजक माहौल का सामना करना पड़ रहा है। लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद कठोर कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। यद्यपि दोनों वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने माँग की है कि शासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन वीडियो की तकनीकी जाँच कराए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि संस्थान पर जनता का विश्वास बहाल हो सके।


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