चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : राजापुर तहसील क्षेत्र के कुचारम गांव में प्रस्तावित चकबंदी के विरोध में सोमवार को किसानों ने कलेक्टरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने धरना देकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन में बताया कि कुचारम गांव पहाड़ी कस्बे से सटा है। गांव के आसपास तीन प्रमुख सड़क मार्ग बनने से करीब 60 प्रतिशत उपजाऊ जमीन पहले ही सड़क निर्माण में चली गई है। शेष जमीन में लगभग 60 प्रतिशत मुख्य मार्गों से लगी है, जिसकी व्यावसायिक उपयोग के कारण बाजार कीमत अधिक है, जबकि करीब 40 प्रतिशत जमीन उबड़-खाबड़ और कम उपजाऊ है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में चकबंदी के दौरान जमीन
का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चुनौतीपूर्ण होगा। कीमती सड़क किनारे की जमीन के बदले किसी किसान को कम मूल्य वाली जमीन मिलने या रकबा निर्धारण में अंतर होने पर आपसी विवाद बढ़ सकता है। किसानों ने गांव की शांति व्यवस्था को देखते हुए प्रक्रिया रोकने की मांग की। जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय ने कहा कि किसान बिजली कटौती और अन्ना गोवंश की समस्या से भी परेशान हैं। फसल बचाने के लिए किसानों को रात-दिन खेतों में पहरा देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर अन्ना गोवंश के जमावड़े से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। प्रदर्शन में राधाधर द्विवेदी, सोमदत्त, मंगल पटेल, रमाकांत, केशव, भारतलाल, लक्ष्मण प्रजापति, राहुल कुशवाहा और दुर्गा पटेल समेत कई किसान मौजूद रहे।


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