चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : किसानों को फसल संबंधी सही और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां में एक दिवसीय आदान डीलर तकनीकी क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कर्वी, मऊ, मानिकपुर, पहाड़ी और रामनगर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 31 पंजीकृत उर्वरक, बीज व दवा विक्रेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी राम किशोर वर्मा कहा कि किसान अपनी फसल की समस्या लेकर सबसे पहले कृषि आदान विक्रेता के पास पहुंचता है। ऐसे में डीलरों का वैज्ञानिक जानकारी से अपडेट रहना जरूरी है। उन्होंने निर्धारित मात्रा में दवा देने, लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और एक्सपायरी दवाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी ने वर्तमान मौसम में धान की फसल में बढ़ रहे कीट-रोगों की पहचान और नियंत्रण की जानकारी दी। उन्होंने भूरा फुदका, तना छेदक, पत्ता लपेट, जीवाणु पत्ती झुलसा, फाल्स स्मट और शीथ ब्लाइट के लक्षण व प्रबंधन समझाया। उन्होंने कहा कि जीवाणु पत्ती झुलसा और ब्लास्ट को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि दोनों के उपचार अलग हैं। कृषि प्रसार वैज्ञानिक उत्तम कुमार त्रिपाठी ने सभी 31 डीलरों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा ताकि खेत की फोटो व वीडियो भेजकर वैज्ञानिकों से फसल संबंधी सलाह ली जा सके। कार्यक्रम में रोहित कुमार मिश्रा समेत केंद्र के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


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