चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : सवर्ण एकता मंच की ओर से सोमवार को विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और समर्थकों ने रामलीला मैदान से धनुष चौराहा व पटेल तिराहा होते हुए तहसील परिसर तक पैदल मार्च किया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। मंच के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने, आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू करने, एससी/एसटी एक्ट समाप्त करने, सवर्ण आयोग गठित करने तथा सवर्णों के खिलाफ फर्जी मुकदमों और कथित अत्याचार पर रोक लगाने की मांग शामिल रही। इस दौरान सवर्ण संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर समाज में असंतोष है और लोकतांत्रिक तरीके से वह अपनी बात
सरकार तक पहुंचा रहे है। कहा कि मांगों पर विचार होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सभा व मार्च में क्षत्रिय महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद, सवर्ण आर्मी, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, करणी सेना, हिंदू महासभा, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा और परशुराम सेना समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। वीरेंद्र पांडेय और डॉ. सुरेंद्र द्विवेदी ने सभा का संचालन किया। कार्यक्रम में बराती लाल पांडेय, राजा सिंह परिहार, बादल पयासी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुशील मिश्रा, महासचिव विजय त्रिपाठी, सर्वण आर्मी के राष्ट्रीय सचिव विजय शुक्ला, शिवशंकर त्रिपाठी, कुंवर प्रताप सिंह, रवि सिंह बघेल, दीनबंधु पांडेय, इन्द्रेश त्रिपाठी, क्रांति भूषण मिश्रा, विपिन पांडेय, विनीत द्विवेदी, विजय सिंह, कुलदीप पांडेय, शेषनारायण बाजपेई, अरुण मिश्रा, अनुज हनुमत, घनश्याम द्विवेदी, वीर भगत सिंह, आलोक, विनोद सिंह, शिवम सिंह, राहुल सिंह, गणेश प्रसाद मिश्रा, श्रवण पांडेय, विकास दुबे, संदीप पांडेय, जितेंद्र सिंह, सुरेंद्र द्विवेदी, चंद्रिका प्रसाद पांडेय, अतुल द्विवेदी, गौरव मिश्रा, गंगा प्रसाद, अभिषेक द्विवेदी, प्रकाश चंद पांडेय, राजा गौतम, आवेश मिश्रा, विनीत पांडेय, ए परमेंद्र, अंबुज सिंह, धीरज पांडेय, स्वयं प्रकाश मिश्रा, प्रमोद गौतम, विपिन तिवारी, राजन द्विवेदी, विष्णुकांत पांडेय, विजय त्रिपाठी, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, शेषनारायण बाजपेई, अखिलेश पांडेय, सुनील पांडेय, सदीप तिवारी, अखिलेश तिवारी, यज्ञदत्त तिवारी, बॉबी, एडवोकेट चंचल, साजू पाण्डेय, मुन्नू गौतम, संदीप द्विवेदी आदि मौजूद रहे।


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