बच्चों को सुरक्षित बचपन और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
बांदा, के एस दुबे । राष्ट्रीय एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्षा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमती अल्पना के निर्देशन में रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज, कालिंजर में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य अभियान’, शिक्षा का अधिकार अधिनियम , पॉक्सो एक्ट तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला जज श्रीमती अल्पना ने आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली मेगा राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से बैंक वसूली, दीवानी, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, चेक
बाउंस, श्रम, राजस्व और शमनीय आपराधिक मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण कराया जा सकता है। इसके अलावा यातायात ई-चालान व बैंकिंग मामलों के समाधान हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन भी किया जाएगा। सुरक्षित बचपन अभियानरू विशेष न्यायाधीश (डकैती) डॉ. विकास श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए अभिभावकों व शिक्षकों का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने चित्रों, लघु फिल्मों व संवाद के जरिए जनजागरूकता फैलाने पर जोर दिया। अपर जिला जज श्रीपाल सिंह ने बताया कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है। कानून के तहत निजी विद्यालयों में कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। सिविल जज (जू.डि.) नरैनी व ग्राम न्यायालय न्यायाधिकारी आलोक कुमार वर्मा ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधान बताए और बच्चों को किसी भी उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहकर परिजनों, शिक्षकों या अधिकारियों को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान रोटी बैंक सोसाइटी, बांदा के अध्यक्ष रिजवान अली, संगठन मंत्री सुनील सक्सेना व उनकी टीम द्वारा बच्चों को ज्योमेट्री बॉक्स व कॉपी-पेन वितरित किए गए। साथ ही जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियां और पुरुषों को शर्ट प्रदान की गईं। दीप प्रज्ज्वलन व स्वागत गीत के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुमन शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश चन्द्रपाल, डॉ. विकास श्रीवास्तव, अपर जिला जज श्रीपाल सिंह, सिविल जज (सी.डि.) अंशुमाली पाण्डेय, सिविल जज (जू.डि./त्वरित-1) सुभांशु दास, तहसीलदार नरैनी सतीश कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष कालिंजर दारा सिंह सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अंत में कॉलेज के प्रधानाचार्य राम शरण द्विवेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।


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