चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : रामघाट स्थित सिद्धपीठ श्री बूढ़े हनुमान मंदिर में मंगलवार को बूढ़वा मंगल पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। दर्शन-पूजन के लिए सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। मंगलवार देर रात तक मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी रही। रामघाट क्षेत्र हनुमान जी के जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंजता रहा। रामघाट स्थित सिद्धपीठ श्री बूढ़े हनुमान मंदिर में दर्शन की प्रतीक्षा में लगे श्रद्धालु हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ ‘जय-जय हनुमान गोसाईं’ और ‘पवनसुत हनुमान की जय’ के जयघोष करते रहे। मंदिर में बूढ़े हनुमान महाराज को सवा मन लड्डुओं का भोग लगाया गया। इसके बाद वैदिक विधि-विधान से विशेष पूजन और स्वर्ण श्रृंगार किया गया। मंदिर व आश्रम को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। मंदिर के
पुजारी महंत रामबाबू मिश्र ने बताया कि तड़के से ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। उन्होंने तुलसी दल से हनुमान का अभिषेक कर पूजन कराया। महंत रामजी दास ने बताया कि बुढ़वा मंगल का विशेष महत्व है। इस दिन बजरंगबली की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में भागवताचार्य नवलेश दीक्षित महाराज समेत धर्मनगरी के संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदाकिनी गंगा आरती के व्यवस्था प्रमुख केसरी तिवारी ने बताया कि सिद्धपीठ में नियमित सुंदरकांड पाठ और धार्मिक आयोजन होते हैं। इस मौके पर भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री आनंद सिंह पटेल, सनातन शोध संस्थान के महासचिव संदीप रिछारिया, उपाध्यक्ष डॉ. संतोष मिश्र, जगदम्बा पाठक, मुख्य आयोजक शिवगुप्ता, शशि गुप्ता, वीरू सेठ, पंकज द्विवेदी, आशीष चौरसिया, विशाल अग्रवाल, विक्की अग्रवाल, शशांक केशरवानी आदि मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment