शिव-पार्वती विवाह की कथा का श्रोताओं ने लिया आनन्द - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Saturday, October 19, 2024

शिव-पार्वती विवाह की कथा का श्रोताओं ने लिया आनन्द

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन पांडव चरित्र, शिव विवाह की कथा का रसपान भागवताचार्य ने श्रोताओं को कराया। उन्होंने बताया कि कार्तिक मास में स्नान, दान, पूजन, कथा सुनने का विशेष महात्म्य है। इसी माह गोवर्द्धन पूजा, दामोदर लीला, तुलसी विवाह की तिथियां आती हैं। चित्रकूटधाम भूमंडल का अत्यंत पवित्र तीर्थ है। शनिवार को सीतापुर स्थित राष्ट्रीय रामायण मेला प्रेक्षागृह में स्व छंग्गूलाल जोशी की स्मृति में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा प्रवक्ता आचार्य नवलेश दीक्षित ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि हिमालय की पुत्री पार्वती से शिव का विवाह हुआ तो समस्त देवी देवताओं ने आर्शीवाद प्रदान किया। शिव बारात

कथा व्यास नवलेश दीक्षित।

में भूत, प्रेत, पिशाच को देखकर पार्वती की मां अत्यंत विचलित हो जाती है। यह देख भोलनाथ ने मनोहारी रूपधारण किया। शिव के इस रूप को चन्द्रशेखर नाम देवताओं ने दिया। फिर धूमधाम से शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। इसी क्रम में कथा व्यास ने पांडव चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि चित्रकूट में मंदाकिनी नदी जीवनदायिनी है। इसी तट पर स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। प्रभु श्रीराम, सीता नित्य यहां निवास करते हैं। इसलिए चित्रकूट में कथा श्रवण करने का अत्यधिक महत्व है। यह क्षेत्र कथा, यज्ञ, साधना के लिए अतिश्रेष्ठ माना जाता है। इस मौके पर कथा परीक्षित विद्या देवी के अलावा बड़ी तादाद में श्रोतागण मौजूद रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages