लखनऊ ने सीएचसी हथगाम का किया पियर एसेसमेंट - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Sunday, October 20, 2024

लखनऊ ने सीएचसी हथगाम का किया पियर एसेसमेंट

अस्पताल की व्यवस्था देख खुश हुए एसेसमेंट अधिकारी

हथगाम, फतेहपुर, मो. शमशाद । नेशनल क्वालिटी एश्योरेन्स कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हथगाम में मरीजों को मिल रही सुविधाएं एवं गुणवत्ता की जांच करने के साथ-साथ मरीजों को मिल रही सुविधाओं तथा डाक्टरों और कर्मचारियों द्वारा मरीजों के प्रति किए किये जा रहे व्यवहार के बारे में पूंछ तांछ की। स्टेट से डॉक्टर मोहम्मद तारिक तथा जिले से डॉक्टर एहतराम के नेतृत्व में अस्पताल का विभिन्न बिंदुओं पर असेसमेंट किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथगाम में इमरजेंसी, फार्मेसी, आईपीडी, ओपीडी, पैथोलॉजी, प्रसव कक्ष, सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था साफ सफाई हर्बल गार्डन सहित सहायक सर्विसेज डिपार्टमेंट की जांच कर मरीजों को मिल रही सुविधाएं एवं उसकी गुणवत्ता की जांच कर मरीजों से डाक्टरों एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे व्यवहार के प्रति पूछताछ करते हुए संतोष व्यक्त किया। पूछे जाने पर टीम के डॉक्टर

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हथगाम की टीम।

तारिक ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि सीएचसी में इमरजेंसी, फार्मेसी, आईपीडी, ओपीडी सहित सभी डिर्पाटमेंट हैं। लगभग सभी में मरीजों को अच्छी गुणवत्ता के साथ सुविधाएं मिल रही हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमित कुमार चौरसिया का मरीजों के प्रति व्यवहार भी संतोषजनक है। मालूम हो कि पियर असेसमेंट यानी सहकर्मी मूल्यांकन, अस्पतालों का मूल्यांकन करने का एक तरीका है। अस्पतालों के मूल्यांकन में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल, बेस्ट मैनेजमेंट जैसे मानकों पर ध्यान दिया जाता है। अस्पतालों के मूल्यांकन के लिए जिला स्तर से टीम गठित की जाती है। इस टीम के सदस्य अस्पताल के प्रसव कक्ष, ओपीडी, ओटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण के बाद टीम अस्पताल प्रशासन को रिपोर्ट सौंपती है और सुधार के लिए सुझाव देती है। अस्पतालों के मूल्यांकन से जुड़ी कुछ और बातें इस प्रकार हैं। सीएचसी के मूल्यांकन के बाद, अच्छे प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को पुरस्कृत किया जाता है। अस्पतालों के मूल्यांकन का मकसद स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना होता है। अस्पतालों के मूल्यांकन के बाद अस्पताल प्रशासन को सुधार के लिए कई सुझाव दिए जाते हैं। इनमें अस्पताल के इंफ़ास्ट्रक्चर को मज़बूत करना, चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच और रख-रखाव और मरीज़ों की सुविधा के लिए ज्यादा संसाधन मुहैया कराना शामिल होता है। इन सभी बिंदुओं पर असेसमेंट किया गया। डॉ अमित चौरसिया, डॉ राकेश कुमार, डॉ जितेंद्र चौधरी, डॉ रमेश चंद्रा, डॉ. राव वीरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. गरिमा विश्वकर्मा, डॉ. शिव शंकर यादव, डॉ अतिउल्लाह, डॉ रीना सोनकर, डॉ. उम्मे रूमान, चीफ फार्मासिस्ट राम अवतार गौतम, शैलेंद्र श्रीवास्तव, धर्मेंद्र पटेल, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद्र, अर्चना साहू, वैभव शुक्ला, भोलू तिवारी, प्रशांत दीक्षित, स्टाफ नर्स मीरा यादव, स्वाति श्रीवास्तव, मोनू मौर्य, ज्योति सिंह, प्रतिभा पटेल, सत्यभान सिंह, विश्व दीपक, आयुष शुक्ल, संतोष कुमार आदि पूरा स्टाफ मौजूद रहा।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages