लेखपाल पर फर्जी वरासत कराकर जमीन बेंचने का मढ़ा आरोप
फतेहपुर, मो. शमशाद । लेखपाल पर एक भूमि की फर्जी वरासत कराकर जमीन को बेंचने की नियत का आरोप लगातर पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें एक शिकायती पत्र सौंपकर विवादित भूमि की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। खागा कोतवाली क्षेत्र के नीमटोला मुहल्ला निवासी अमृतलाल उर्फ धुन्नू पुत्र राजाराम उर्फ रामराज ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि उसके चाचा देशराज पुत्र सम्भर निवासी शहजादपुर खागा परगना हथगाम ने 29 दिसंबर 1986 को उसे व उसके भाई दशरथ लाल, रोशनलाल उर्फ मुन्नू के नाम अच व अचल सम्पत्ति रजिस्टर्ड वसीयत की थी। तब से उनका कब्जा दखल है। नौ जनवरी 1989 में फौत के बाद रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर तहसीलदार खागा ने आदेश उनके पक्ष में किया। थर्डपार्टी
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| डीएम को शिकायती पत्र देने जाता पीड़ित परिवार। |
राजबहादुर ने अपील की जो मुकदमा/अपील एसडीएम खागा के यहां धारा 210 आर एक्ट विचाराधीन है। बिना किसी हक व अधिकार के रामसुमेर (बेनामी व्यक्ति) ने वसीयतकर्ता की वरासत अपने नाम करा लिया। लेखपाल ने एक साजिश के तहत चौबीस दिसंबर 2025 को वरासत किया और तत्काल 29 दिसंबर 2025 को खतौनी में चढ़वा दिया। अब लेखपाल, कानूनगो भूमाफियाओं से मिलकर जमीन को बेंचने की फिराक में है। भूमाफियाओं द्वारा कानूनगो को दो प्लाट की डील होने की वजह से विक्रय में अमादा है। जिससे उसका परिवार परेशान है। पीड़ित ने डीएम से मांग किया कि कथित रामसुमेर पुत्र देशराज के संबंध की जांच करवाते हुए विवादित भूमि की बिक्री पर रोक लगवाते हुए मामले में संलिप्त लेखपाल, कानूनगो व कथित रामसुमेर के कृत्य की जांच सक्षम अधिकारी से कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए।


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