सर्वसमाज विकास समिति के पदाधिकारियों ने भेजा ज्ञापन
बिंदकी, फतेहपुर, दिलीप अग्निहोत्री । नगर क्षेत्र स्थित पक्का तालाब (मुगल रोड, नजाही बाजार) के सौंदर्यीकरण व उससे सटे श्रीरामजानकी मंदिर एवं संकटमोचक हनुमान मंदिर के जीर्णाद्धार की मांग को लेकर सर्वसमाज विकास समिति उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों एवं नगरवासियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पक्का तालाब के विकास हेतु पूर्व में शासन व प्रशासन स्तर पर कई बार प्रयास किए गए। वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता से व्यक्तिगत भेंट के बाद यह विषय शासन स्तर पर उठा। इसके फलस्वरूप वर्ष 2015 में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नगर पालिका परिषद बिन्दकी को लगभग 1 करोड़ 53 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। समिति का आरोप है कि उक्त धनराशि में से लगभग एक करोड़ रुपये के व्यय का ही औपचारिक उल्लेख किया गया, जबकि शेष लगभग 53 लाख रुपये शासन को वापस कर दिए गए। इसके बावजूद
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| ज्ञापन सौंपते सर्वसमाज विकास समिति के पदाधिकारी। |
धरातल पर तालाब की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है और तालाब बदहाली का शिकार है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि तालाब के किनारे स्थित श्रीरामजानकी मंदिर एवं संकटमोचक हनुमान मंदिर नगरवासियों की गहरी धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, किंतु देखरेख के अभाव में ये भी जीर्ण अवस्था में पहुंच चुके हैं। नगरवासियों का कहना है कि यदि शासन स्तर से निष्पक्ष जाँच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जाएगी। सर्वसमाज विकास समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस विषय की जानकारी पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी दी जा चुकी है। नगरवासियों ने मुख्यमंत्री से पुनः आग्रह किया है कि पक्का तालाब का सौंदर्यीकरण कराते हुए दोनों मंदिरों का जीर्णाद्धार कराया जाए, जिससे क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय संतुलन स्थापित हो सके। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त प्रयागराज मण्डल, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन, नगर विकास विभाग व प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है। इस मौके पर प्रबन्धक धर्मेन्द्र मिश्र, उप प्रबन्धक हिमाँशू गुप्ता, सचिव अनुराग मिश्र, लेखा निरीक्षक सात्विक शुक्ला, कन्फडरेशन आँफ आँल इण्डिया टे्डर्स कैट दिल्ली सदस्य गाँव ओमप्रकाश गुप्ता, अनिल मिश्र, नीरज कुमार सहित कई संख्या में पदाधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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