पांण्डेपुर वाराणसी, विक्की मध्यानी।।पांण्डेपुर इस्थित खजूरी मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा प्रथ्विश्वर का भव्य 151 बर्फ की सिल्लियो से हरियाली हिमश्रृंगार, रुद्राक्ष श्रृंगार सावन के अंतिम सोमवार को वैदिक मंत्रोचारण के बीच बड़े धूमधाम से हुआ। गंगा में सूर्य देव की आभा निखरती,इससे पहले ही भगवान शिव की नगरी जग उठी थी सावन के अंतिम सोमवार भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी। आखिरी सोमवार रात्रि शयन आरती तक हजारों की संख्या में पहले भक्तों ने दर्शन किया। बाबा एक ही नारा है,सबका तू ही सहारा है नारे के साथ मन्दिर परिसर गूंजता रहा आलम यह था कि रात्रि शयन आरती तक भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। यहां महीनों पूर्व स्थानीय नागरिकों द्वारा तैयारी शुरू हो जाती है। पूरे सावन माह में इस महोत्सव में बाबा का विविध रूप से सिंगार किया जाता है। यह परंपरा बीते 7 वर्षों से चली आ रही है सोमवार देर रात्रि सिंगार के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम व सुन्दर झांकियों का भी आयोजन किया गया। तत्पश्चात यहाँ भक्तों ने हजारों की संख्या में प्रसाद ग्रहण किया। लोगों का कहना है कि सावन माह में बाबा के यहां जो भी आकर आस व मुराद रखी जाए वह जरूर पूरी होती है। श्रृंगार व भंडारे में मुख्य रूप से सहयोग मे मनीष चौबे,अभय दुबे,बृजेश कुमार,मोनू,मंगल,राजकुमार उपाध्याय,विनय पांडे,देवांश,नीरज चौबे,आदर्श चौबे के साथ अन्य स्थानीय भक्टगढ उपस्थित रहे।
विक्की मध्यानी


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