विद्युत समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने दिया धरना
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। बुन्देलखण्ड किसान विकास समिति के अध्यक्ष की अगुवाई में ग्रामीणों ने पाठा क्षेत्र की विद्युत समस्या को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर धरना देकर नौ सूचीय ज्ञापन सौपा है। मांग किया कि बंद विद्युत उप केन्द्र चालू कराने सहित लो-वोल्टेज आदि समस्याओं से अविलम्ब निजात दिलाया जाये।
मंगलवार को समिति के अध्यक्ष अनिल प्रधान की अगुवाई में दर्जनों ग्रामीणों ने मुख्यालय आकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। अधीक्षण अभियंता को सौपे गए नौ सूत्रीय मांग पत्र में कहा कि पाठावासियों के कडे संघर्ष व जन आंदोलनों के बाद शासन से विद्युत उप केन्द्र कैलहा स्वीकृत हुआ। लगभग तीन साल तक निर्माण कार्य चला। छह माह पूर्व वन विभाग से एनओसी न लेने के चलते बंद करा दिया गया। वन क्षेत्र में लगे सभी विद्युत खंभों को तोडकर क्षेत्र से हटाने का जिम्मेदार विभाग है। प्रभारी मंत्री से शिकायत करने पर विद्युत विभाग से वन विभाग के खिलाफ एफआईआर के आदेश से हुए, लेकिन अमल में नहीं ला सके। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में हालत बद से बदतर है। ट्यूब बेल नहीं चल पा रहे। कृषि कार्य बाधित है। न्यू कलेक्ट्रेट फीडर से पाठा क्षेत्र तक गई तारें पूरी तरह जर्जर हैं। कई बार अवगत कराने के बावजूद नहीं बदले। कहा कि ओसीबी व ट्रांसफार्मर नए न लगाने से लो-वोल्टेज की समस्या है। नलकूप ठप है। कई पुरवा, मजरे विद्युतीकरण से छूटे हैं जिन्हें जोड़ा जाये। कुछ गांवों में विद्युतीकरण तो हुआ, लेकिन बिजली आपूर्ति नहीं शुरू हुई और बिल भेजे जा रहे हैं। जीएसटी एवं सुपरविजन का जमा रुपया नहीं मिला। जिसे विद्युत बिल में समाहित करें। कर्वी क्षेत्र के घुरेटनपुर व मारकुण्डी में उप केन्द्रों की स्थापना हो। पत्र में अविलम्ब समस्याओं का निदान कराने की मांग की है। इस दौरान प्रखर पटेल, मुकेश पटेल, अर्जुन, पच्चू यादव, रमेश, अर्जुन यादव, शेर सिंह, नत्थू, अनवर अली, तुलसीदास, रणजीत सिंह, कामता सिंह, चुन्नूलाल, बैजनाथ, हबीब आदि दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।


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