बिजनौर, संजय सक्सेना । कोआपरेटिव बैंक इम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष ढाल गोपाल ने कहा कि प्रदेश के 50 जिला सहकारी बैंक प्रदेश सरकार की नीतियों के अंतर्गत वित्त पोषण का एकमात्र बैंकिंग वित्तीय संसाधन है। प्रदेश के सहकारी विभाग एवं शीर्ष बैंक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक के गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली के
अंतर्गत इन बैंकों में बैंकिंग के मूलभूत सिद्धांतों की अवहेलना की जाती थी, लेकिन सहकारी विभाग शीर्ष बैंक व नाबार्ड की नीतियों के कारण ये बैंक सुचारू रूप से चल नहीं पाए हैं। प्रदेश के समस्त बैंकों के वित्तीय दुरूपयोग, गबन, अनियमितताओं के ठोस प्रमाणों पर भी कार्यवाही न होने के कारण वित्तीय रूप से सुदृढ़ बैंक भी वित्तीय संकट में फंस गये हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग रही है कि समस्त जिला सहकारी बैंकों व उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंकों का विलयनीकरण करने से कई समस्याओं का निदान हो सकता है। इस संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी के समक्ष यूनियन ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं को लेकर यूनियन संघर्ष करेगी। इस अवसर पर मनेन्द्र कुमार, रामपाल सिंह, प्रदीप कुमार, गुलाम शाबीर, कृष्णपाल, अलका गोयल, नम्रता चौधरी, गजेन्द्र सिंह, रामेश्वर प्रसाद, परमेश्वर सिंह, सुरेश सिंह, राधेश्याम, जितेन्द्र कुमार, यतेन्द्र कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, गुड्डू आदि शामिल रहे।


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