योजनाओं के क्रियान्वयन में मनमानी न करने के दिए निर्देश
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भूमि एवं जल संरक्षण व कृषि से संबंधित कार्यों की जिला समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड व खरीफ में फसल बीमा योजना की प्रगति खराब होने पर जिला कृषि अधिकारी व अग्रणी जिला प्रबंधक इलाहाबाद बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाये कि इन कार्यों में रूचि क्यों नहीं ली गई। खेत तालाब योजना पर कहा कि हर तीन माह में समिति की बैठक हो और जो कार्य कराये जायें उसमें शासन की गाइड लाइन के अनुसार गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। भूमि संरक्षण व आईडब्ल्यूएमपी द्वारा जो भी वित्तीय वर्षों में कार्य कराये गये हैं उनकी स्थलवार सूची उपलब्ध करायें। उप
निदेशक कृषि कमेटी का गठन करके जांच करायें। नये जो तालाब खोदे गये हैं उनमें अनिवार्य रूप से छायादार व फलदार वृक्ष लगायंे। भूमि संरक्षण अधिकारी को निर्देश दिये कि जो कलस्टर में गांव चयनित किये गये हैं उसकी पत्रावली प्रस्तुत की जाये। उसमें जन प्रतिनिधियों की राय ली गई है कि नहीं। इसकी भी जानकारी उपलब्ध करायें। योजनाओं से किसानों की आय बढ़ेगी। सही तरीके से क्रियानवयन कराया जाये। एक-एक योजना पर पत्रावली बनाकर समिति से अनुमोदन करायें। तभी कार्य होंगे। अब विभागीय अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी। उप निदेशक कृषि को निर्देश दिये कि भूमि संरक्षण विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी है। जिम्मेदारी हे कि पत्रावलियों का अच्छी तरह से परीक्षण कर समिति के समक्ष रखकर ही भुगतान की प्रक्रिया अपनाएं। जन प्रतिनिधियों के माध्यम से मेड़बंदी व अन्य योजनाओं के प्रस्ताव अवश्य प्राप्त करें। कहा कि मुख्य विकास अधिकारी के साथ बैठक कराकर कार्यों की स्वीकृति के उपरान्त ही विभागीय कार्य कराये। जहां पर मेड़बंदी का चयन हो उसमें यह देखा जाये कि वह क्षेत्र प्रयुक्त है कि नहीं। इसकी एक टीम बनाकर सत्यापन कराया जाये। आईडब्ल्यूएमपी व बुन्देलखण्ड पैकेज की शेष धनराशि वापस की जानी थी। वह अभी तक वापस क्यों नहीं की गई। इसमें उप निदेशक कृषि व जिला विकास अधिकारी जांच कर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करें। अगर कमी पायी जाय तो कार्यवाही भी की जाये। इस मौके पर संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


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