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Friday, August 30, 2019

सचिव भुगत रहा बेजा गलती की सजा

धरना देकर डीएम को सौपा मुख्यमंत्री संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति शाखा चित्रकूट अध्यक्ष अमरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने धरना देकर मुख्यमंत्री संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा है।

सौपे गए ज्ञापन में कहा है कि गठित समिति की रिपोर्ट लागू कराने एवं ग्राम पंचायत सचिवों उत्पीडन रोकने, शैक्षिक योग्यता स्नातक व ग्रेड वेतन 2800 रुपए की मांग शासन स्तर पर लंबित है। कहा कि उत्पीडनात्मक कार्यवाही से दोनो संवर्गों में आक्रोश व्याप्त है। जिससे कल्याणकारी कार्यक्रमों पर प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है। अधिकांश विकास कार्य संचालित कराते हैं। जबकि पशु विभाग जानवरों को संरक्षण करता है। पंचायते सहयोगी की भूमिका में है। जन कल्याणकारी योजनायें एवं पंचायत के नियामक कार्य भी है। शिक्षा विभाग के खातों का संचालन प्रधानाध्यापक, स्वास्थ्य विभाग के खातों का संचालन एएनएम करते हैं। इसी प्रकार अन्य खातों का संचालन कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। आवास योजना में चयनित लाभार्थी की पात्रता व खातो में धनराशि अंतरण का दायित्व खण्ड विकास अधिकारी का है। बावजूद इसके अपात्रता के आधार पर कार्यवाही सचिव के खिलाफ होती है। शौचालय में दी जाने वाली राशि 12 हजार रुपए जो सीधे खाते में भेजी जाती है। सामग्री की वर्तमान लागत के अनुसार यह राशि कम है। जिससे अक्षम लाभार्थी गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं करा पाता। ऐसी स्थिति में कार्यवाही सचिव पर जाती है। मनरेगा मान आधारित योजना है। ग्रामीण क्षेत्र में भी वर्तमान में श्रमिक 250-350 रुपए प्रतिदिन मजदूरी लेता है। प्रधान को बाध्य करता है। मनरेगा में सचिव और प्रधान संदर्भित कारणों से असहज रहता है। खण्ड स्तर पर जांच, कार्यवाही कर भुगतान में विलंब होने पर ग्राम पंचोयत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी शिकार होते हैं। इस मौके पर जय प्रकाश सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, जानकीशरण, जगदीश पटेल, अनुराग पाण्डेय, रामशरण राही आदि दर्जनों सचिव मौजूद रहे।


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