उरई(जालौन)। विगत दिवस अन्तर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस के अवसर पर स्थानीय बुंदेलखण्ड विधि महाविद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार गुप्ता के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में जनपद के अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को मध्यस्थता एवं सुलह-समझौता का उद्देश्य और प्रक्रिया समझायी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गांधीजी प्रत्येक विवाद को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने के पक्षधर थे। इस अवसर पर उन्होंने इस बात का भी उल्लेख
किया कि स्वतंत्रता आन्दोलन के समय जनपद जालौन में गांधी जी आये थे। यह बात सम्भवतः 1929 की है, जब वह आन्दोलन के लिये चन्दे की धनराशि संग्रह हेतु निकले थे। जिस स्थान पर वह रूके थे वह गांधी चबूतरा के नाम से विख्यात है। उन्होंने इस चबूतरे का शौन्दर्यीकरण कराने की आवश्यकता बताई ताकि जनपद जालौन का नाम सुदूर क्षेत्रों तक जाना जाये।
प्राधिकरण के प्रभारी सचिव सिविल जज सी.डि. विवेक कुमार सिहं ने मध्यस्थता नियमावली पर प्रकाश डालते हुये मध्यस्थता के विधिक, व्यहारिक और तकनीकी पक्ष की छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। उन्होंने एडीआर मेकैनिज्म के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। शिविर में परामर्शदाता विनोद कुमार शर्मा गौतम, श्रीमती राजेश्वरी देवी, पैनल अधिवक्ता रमाकानत द्विवेदी और श्रीमती मन्जूलता ने भी कई महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किये। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. आरके भटनागर ने अतिथिओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ न्यायिक अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व महात्मा गांधी जी चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रीडर अश्वनी कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्धक शरद शर्मा, तहसीलदार सदर करमवीर सिंह, डा. लक्ष्मणरोहित दुवे, डा. महेन्द्र प्रताप सिंह डा अर्चना निरंजन, डा. आशीश कृश्ण, डा.राकेश सक्सेना, पीएलवी टीम लीडर दीपक तिवारी, महेश सिंह परिहार योगेन्द्र सिंह तखेले, देवेन्द्र सिंह आजाद, करन सिंह यादव, महेन्द्र मिश्रा, इरफान मंसूरी, विमल कुमार, रामदेव चतुर्वेदी, श्रीमती मनीशा चतुर्वेदी, अलका भारती, शैलेश द्विवेदी, समेत दर्जनांे ग्रामवासी उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- शिविर को संबोधित करते जिला जज


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