आयुष्मान योजना के बारे में भी बताया गया
खानकाह इंटर कालेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम
बांदा, कृपाशंकर दुबे । शहर के खानकाह इंटर कालेज में गुरुवार को जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को आयुष्मान भारत योजना और संचारी रोगों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. धीरेन्द्र वर्मा ने छात्रों को आयुष्मान योजना और इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार द्वारा पहले से चिन्हित परिवारों को 5 लाख रूपये तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। खासकर गरीब परिवारों के लिए, सामान्य से लेकर गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में यह योजना सुरक्षा कवच के सामान है जिसका लाभ लेकर लोग देशभर के सम्बद्ध अस्पतालों में अपना निरूशुल्क इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए
![]() |
| कार्यक्रम में मौजूद छात्र |
पात्र लाभार्थियों के घर प्रधानमंत्रीध् मुख्यमंत्री के पत्र भेजे गए हैं। यह पत्र और अपना पहचान पत्र दिखाकर आयुष्मान कैंप या जन सेवा केन्द्रों पर लोग अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अनुरोध किया कि वह अपने घर और आस-पड़ोस में इस अमूल्य योजना के बारे में लोगों को जानकारी जरूर दें। साथ ही योजना में अपना नाम जानने के लिए जिला अस्पताल में आरोग्य मित्र से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने सभी को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) एप के बारे में भी बताया और कहा कि वह अपने फोन में यह एप डाउनलोड कर अपने और आस-पास के लोगों का नाम देखें तथा गोल्डन कार्ड जरूर बनवाएं।
डा.. धीरेन्द्र वर्मा ने बताया कि सभी लोग अपने गोल्डन कार्ड जल्द-से-जल्द बनवाएं, इसके लिए मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। लगातार कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं तथा जागरुकता के लिए भी रैली, मैराथन, स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। युवा छात्र-छात्राओं के माध्यम से घर-घर आयुष्मान योजना की जानकारी पहुंचाने का प्रयास निश्चित ही अच्छे परिणाम देगा।
घर पर साफ-सफाई की साप्ताहिक गतिविधियां करने का संकल्प
बांदा। वेक्टर बोर्न डीजीज सलाहकार प्रदीप कुशवाहा ने संचारी रोग फैलने के कारणों और उनसे बचाव के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस मौसम में वायरल, डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक है। इनमें से अधिकतर वेक्टर-जनित हैं जो जलभराव में पनपने वाले मच्छर से फैलती हैं। यदि अपने स्तर पर कुछ सावधानियां बरतें तो इन बीमारियों से बचाव संभव है। घर के आस-पास जलभराव न होने दें और व्यक्तिगत सफाई का ध्यान रखें, साबुन से हाथ धोकर ही खाना खाएँ, बाहर के खाने से परहेज करें, फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं, स्वच्छ पानी पियें, मच्छरदानी का प्रयोग करें, बुखार आने पर तुरंत जांच करवाएं तथा डाक्टर से परामर्श अनुसार दवा लें। साथ ही बच्चों से संकल्प कराया कि वे हर सप्ताह अपने घरों में साफ-सफाई की गतिविधियां करेंगे और आस-पास भी यह सन्देश फैलाएंगे। कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाध्यापिका दरक्षा बेगम, आयुष्मान भारत के ग्रीवांस आफिसर कौशलेन्द्र सेन और बायोलाजिस्ट भावना वर्मा रहे।


No comments:
Post a Comment