बाढ़ प्रबंधन व कोरोना रोकथाम संबंधी बैठक संपन्न
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ का प्रबंधन करने एवं प्रभावित व्यक्तियों को त्वरित राहत एवं बाढ़ कार्य योजना तैयार करने से संबंधित बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने बाढ़ स्टेरिंग ग्रुप बैठक पर सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विभागों को बाढ़ के समय जो कार्य कराए जाने हैं उसकी तत्काल व्यवस्था करा ले। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि बांधों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। अपर जिलाधिकारी से कहा कि कर्वी, मऊ व राजापुर तहसील बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इसमें बाढ़ चैकियां स्थापित की जाएं। बाढ़ क्षेत्र में राजस्व, पुलिस के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दे। कहा कि यमुना नदी में बाढ़ के कारण मऊ तहसील के काफी गांव प्रभावित होते हैं उसमें नाव, कर्मचारी आदि की व्यवस्था उप जिला अधिकारी मऊ कराएं। पुलिस, पीएसी तथा एनडीआरएफ की टीम की व्यवस्था अपर पुलिस अधीक्षक कराएं। संबंधित क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग समय से सड़कों को गड्ढा मुक्त आदि मरम्मत का कार्य करा ले। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद से कहा कि नगर के बाढ़ क्षेत्र पर सभी तैयारी पूर्व की भांति कर लें। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि मिट्टी का तेल, खाद्यान्न आदि सभी व्यवस्थाएं रहे। ग्राम विकास विभाग व पंचायती राज विभाग की बाढ़ प्रभावित गांव में सभी कार्य करें। अपर पुलिस अधीक्षक से कहा कि गत वर्षो की
भांति इस वर्ष भी कानून व्यवस्था को लेकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ले। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका को देखते हुए सभी जीवन रक्षक दवाएं आदि उपलब्ध रहे तथा क्षेत्रों पर एंबुलेंसो की भी व्यवस्था कराएं। कृषि, उद्यान विभाग फसलों को लेकर तैयारी करें। इन क्षेत्रों के किसानों की फसलों का बीमा अवश्य कराया जाए। पशु पालन विभाग से कहा कि पशुओं के टीकाकरण आदि व्यवस्थाएं कराएं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी से कहा कि जो विभाग को जो व्यवस्थाएं करनी है उसकी तैयारी रिपोर्ट लेकर उपलब्ध कराएं। गूगल मीट में जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है उसे अच्छी तरीके से समझ लिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड 19 को ध्यान में रखते हुए बाढ़ के समय के लिए जो दिशा निर्देश शासन से दिए गए हैं उनका पालन कराया जाए और उप जिलाधिकारियों से कहा कि बाढ़ के समय जो व्यवस्थाएं करानी है उसे पूर्व में ही सुनिश्चित कर लें। मध्य प्रदेश के अधिकारियों से संपर्क कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए।
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| बैठक में निर्देश देते डीएम। |
जिलाधिकारी ने कोरोना वायरस के रोकथाम एवं बचाव से संबंधित बैठक की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि सभी कार्यालयों को सैनिटाइज अवश्य कराएं। शासन से दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं उनकी सर्विलांस टीम के साथ समीक्षा अवश्य प्रतिदिन करें। पॉजिटिव केस आ रहे हैं उसमें यह देखा जाए कि वह व्यक्ति किस व्यक्ति से संपर्क किया है सभी का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि चार सौ स्वास्थ्य टीमों का गठन किया जाना है। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, स्वच्छाग्राही की समिति गठित की जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश जारी कर दें कि एएनएम के माध्यम से सभी व्यवस्थाएं गांव में दुरुस्त करा ले। अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिए की पहाड़ी में पेयजल की समस्या है वहां पर प्रस्ताव बनाया जाए। जहां पर पेयजल की अधिक समस्या हो वहां का भी प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराएं। ताकि धनराशि उपलब्ध कराई जा सके। उप जिलाधिकारियों से कहा कि पहले हॉटस्पॉट क्षेत्र को 21 दिन तक घोषित किया जाता था लेकिन अब शासन से उसे 14 दिन कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि कन्वर्जेंस विभाग जो कार्य मनरेगा के करा रहे हैं उनको मजदूर उपलब्ध कराएं। मनेरेगा के कार्यों पर प्रवासी मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार दिया जाए। उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि टिड्डी दल पर एलर्ट रहें। जनपद में पाए जाने पर तत्काल ऑपरेशन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। यह दल अभी 15 जुलाई तक प्रभावित कर सकता है। अपर जिलाधिकारी से कहा कि भारत सरकार की जो स्वामित्व योजना लागू की गई है उसमें समय सीमा के अंदर सभी व्यवस्थाएं करा ले। बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पाण्डेय, उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


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