दामों में गिरावट से विक्रेताओं में मायूसी
फतेहपुर, शमशाद खान । गुरू और शिष्य के बीच असीम प्रेम का पर्व गुरू पूर्णिमा (अषाढ़ी) कल (आज) जिले में मनाया जायेगा। कोविड-19 वायरस संक्रमण के चलते इस बार त्योहार फीका रहेगा लेकिन लोगों द्वारा घर में पूजा-अर्चना विधि-विधानपूर्वक की जायेगी। जिसको लेकर शनिवार को पूरा दिन आम की जमकर बिक्री हुयी। हालांकि इस बार आम के दामों में भी उछाल नहीं आया जिससे विक्रेताओं में मायूसी भी छायी रही।
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| बाकरगंज चौराहे पर आम की खरीददारी करते लोग। |
बताते चले कि कल रविवार को गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया जाना है। पर्व को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही गाइड लाइन जारी कर दी गयी थी। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार सभी सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गयी है। इसलिए पर्व को सिर्फ घर पर ही मनाने की अनुमति होगी। पर्व के चलते लोगों में इस बार उतना उत्साह देखने को नहीं मिला। रस्म अदायगी के तौर पर लोगों ने पूजा-अर्चना के सामान के साथ-साथ आम की खरीददारी की। शहर के बाकरगंज, ज्वालागंज, वर्मा तिराहा, कलक्टरगंज, पथरकटा चैराहा, पटेलनगर सहित अन्य स्थानों में आम की दुकानें सजी रही। लोगों ने पर्व को मनाने के लिए आम की खरीददारी भी की। इस बार आम के दामों में गिरावट देखी गयी। दशहरी आम 40 रूपये किलो, फजली 50 रूपये, चैसा 70 रूपये किलो बिका। पर्व को लेकर आढ़तियों व आम विक्रेताओं ने बड़ी मात्रा में आम को स्टाक कर रखा था लेकिन दामों में गिरावट के चलते उन्हें नुकसान का सामना भी करना पड़ा। देर शाम तक लोग आम की खरीददारी में जुटे रहे। दाम में थोड़ा उछाल शाम छह बजे के बाद देखा गया। लेकिन पर्व के आगे लोगों ने इसकी परवाह नहीं की।
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