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Wednesday, July 22, 2020

हड़ताल का समर्थन करें अधिवक्ता, तभी लड़ पाएंगे लड़ाई

प्रेस वार्ता के दौरान बोले अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अवधेश कुमार 

बांदा, के एस दुबे । अधिवक्ता अमितराज सिंह के हमलावरों को गिरफ्तार किए जाने को लेकर घोषित की गई हड़ताल में अधिवक्ता कई धड़ों में बंटे नजर आ रहे थे, इसको लेकर तमाम अधिवक्ताओं में आक्रोश नजर आ रहा था। इस संबंध में बुधवार को सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता ने अधिवक्ताओं से आवाहन किया कि वह सभी हड़ताल का समर्थन करें, तभी लड़ाई को आगे लड़ा जा सकता है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता को आगे से केस फाइल अनुमति हड़ताल के दौरान नहीं दी जाएगी। 
गौरतलब हो कि अधिवक्ता अमितराज सिंह के हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर बार एसोसिएशन द्वारा कई सप्ताह से हड़ताल का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। हड़ताल में कुछ लोग संकोच में तो कुछ लोग मजबूरी में समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन एक धड़ा ऐसा भी है जो खुलकर हड़ताल का विरोध करता नजर आ रहा है। बहाना कोई भी हो, संघ भी उनके सामने मानो नतमस्तक हो। ऐसा ही मामला कचहरी में उस समय चर्चा का विषय बन गया जब हड़ताल के दौरान मटौंध थाना क्षेत्र के क्राइम नंबर 46/20 गुड्डू उर्फ सफीउद्दीन बनाम सरकार के 3/8 गोवध
पत्रकारों से मुखातिब अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता खादीवाला
अधिनियम में तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा निचली अदालत में जमानत अरजी डाली गई, जिसे कैंसिल कराकर ऊपरी अदालत में मुलिजमों की जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। इसी तरह के पैलानी थाना क्षेत्र में मुकदमा अपराध संख्या 170/19 जो कि हत्या का मुकदमा है, के मामले में आरोपी की अधिवक्ताओं ने जमानत अरजी दाखिल की है। इसके अलावा एडीजे प्रथम, द्वितीय व डकैती कोर्ट के साथ एफटीसी कोर्ट में बुधवार को एक दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने अपने-अपने वकालतनामे लगाकर अपने मुवक्किलों की पैरवी के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इन अधिवक्ताओं को संघ द्वारा परमीशन दिए जाने से कचहरी में अधिवक्ता कई धड़ों में बंटे नजर आए। कुछ ने तो खुलकर संघ के कार्यों का विरोध करते हुए कहा कि वह अब हड़ताल का खुलकर विरोध करेंगे। उधर इस संबंध में जब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान यदि अधिवक्ता के परिजन या ऐसा कोई मामला, जिसमें जिन्दगी और मौत का सवाल हो तो अधिवक्ताओं को परमीशन दी जा सकती है। संघ के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने उक्त मामलों में भी संघ द्वारा परमीशन देने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश है। कई लोगों ने शिकायतें की हैं, जिसके चलते अब आगे से किसी भी अधिवक्ता को पैरवी की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिवक्तागण हड़ताल का पूर्ण समर्थन करें। तभी हम आगे की लड़ाई लड़ सकते हैं। इस दौरान संघ के महासचिव कैलाश सिंह भी मौजूद रहे।

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