लाभार्थी किसानों को वैज्ञानिकों ने खेती के बताए गुर
बांदा, के एस दुबे । भारतीय मूंगफली अनुसंधान निदेशालय (जूनागढ़, राजस्थान) द्वारा वित्त पोषित ‘किसानों के आर्थिक उत्थान’ योजना के अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के 52 किसानों को उन्नत प्रजाति के मूंगफली के बीज वितरित किए गए। कृषि वैज्ञानिकों ने इस मौके पर किसानों को बुआई से पहले प्राथमिक प्रशिक्षण देकर अधिक उत्पादन हासिल करने के गुर बताए।
 |
| किसानों को मूंगफली के बीज वितरित करते कुलपति व अन्य |
कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में सोमवार को भारतीय मूंगफली अनुसंधान निदेशालय (जूनागढ़) द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत अनुसूचित जाति के 52 लाभार्थी किसानों को विश्वविद्यालय कुलपति डा.यूएस गौतम ने मूंगफली की उन्नत प्रजाति का बीज वितरण किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बुवाई पूर्व प्राथमिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कोविड-19 के अंर्तगत दिए गए सुरक्षा सुझाव और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। विश्वविद्यालय कुलपति डा.यूएस गौतम ने किसानों से मूंगफली की तकनीकी खेती अपनाते हुये अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया। किसानों को भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों के हित के लिये कृत संकल्पित है। कार्यक्रम का संचालन करते हुये परियोजना प्रभारी डा.धर्मेंद्र ने योजना की जानकारी दी। डा.अनिकेत कोल्हापुरे ने किसानों को मूंगफली की खेती से संबंधित बीज शोधन, बुवाई, खरपतावार नियंत्रण, पोषक तत्व प्रबंधन आदि का तकनीकी ज्ञान दिया। किसानों को बीज शोधन के लिए कवनाशी भी प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में डा.वीरेंद्र कुमार सिंह, डा.भूपेंद्र कुमार सिंह, डा.दिनेश शाह, डा.एसी मिश्रा, भालेंद्र सिंह राजपूत, डा.मुकुल कुमार, डा.श्याम सिंह आदि उपस्थित रहे। डा.अरूण कुमार ने सभी का आभार जताया।
No comments:
Post a Comment