विद्यालय की प्राचार्य ने प्रथम शिक्षा मंत्री की सेवाओं पर डाला प्रकाश
फतेहपुर, शमशाद खान । डा. भीमराव अंबेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर प्राचार्या डॉ0 अपर्णा मिश्रा के संरक्षण में पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन उर्दू विभाग ने किया। छात्राओं ने पोस्टर एवं निबंध के माध्यम से अबुल कलाम आजाद की साहित्यिक एवं राजनीतिक जीवन से संबंधित विभिन्न आयामों को दर्शाया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
| प्रतियोगिता में प्रतिभाग करतीं छात्राएं। |
प्राचार्य डॉ अपर्णा मिश्रा ने अबुल कलाम आजाद की शिक्षा संबंधी सेवाओं पर रोशनी डालते हुए कहा कि आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों, प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों की स्थापना करके अबुल कलाम आजाद ने देश हित में बहुत बड़ा कार्य किया है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उनके इस योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। छात्राओं को संबोधित करते हुए अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ0 प्रशांत द्विवेदी ने कहा कि प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने मुस्लिमों का प्रतीक बनकर भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान जाने से रोका, वह धर्म के आधार पर भेदभाव और बंटवारे के पक्ष में नहीं थे। वह अखंड भारत के पक्षधर थे। पोस्टर का मूल्यांकन इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ0 शोभा सक्सेना, इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ0 मीरा पाल तथा समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ0 बसंत कुमार मौर्य ने किया। पोस्टर प्रतियोगिता में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा अलशिफा ने प्रथम स्थान, बीए द्वितीय वर्ष की वरदा रियाज, बीए तृतीय वर्ष की छात्रा खुशनुमा ने द्वितीय स्थान तथा बीए तृतीय वर्ष की छात्रा शमशाद बानो ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस अवसर पर डॉ0 गुलशन सक्सेना, डॉ0 शकुंतला, डॉ0 रेखा वर्मा, डॉ0 रमेश सिंह, डॉ0 उत्तम कुमार, डॉ0 चारु मिश्रा, डॉ0 शरद चन्द्र राय, डॉ0 हेमंत कुमार निराला, डॉ0 अजय कुमार, डॉ0 प्रतिमा गुप्ता, डॉ0 ज्योति कुमारी, अशोक कुमार कश्यप एवं पूरा महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभागाध्यक्ष जिया तसनीम ने किया।

No comments:
Post a Comment