फसल बर्बाद हो जाने और कर्ज से था परेशान
बांदा, के एस दुबे । फसल बर्बाद होने से परेशान कर्जदार किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने देखा तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
मिली जानकारी के मुताबिक पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधनकलां गांव निवासी रामरूप (38) पुत्र घनश्याम खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसने सोमवार की सुबह कमरे के अंदर छप्पर की धननी में रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। काफी देर बाद जब रामरूप कमरे से बाहर नहीं निकला तो मौके पर
पहुंचे पुत्रों ने देखा तो उसका शव फंदे पर लटक रहा था। शव देखते ही बच्चे चीख पड़े। शोरशराबा सुनकर परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन फंदा काटकर शव को नीचे उतार लिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चाचा घसीटा ने बताया कि रामरूप ने कुछ दिन पहले आर्यावर्त बैंक शाखापैलानी से 46 हजार रुपया कर्ज लिया था। कर्ज की भरपाई नहीं कर पा रहा था। उसने खेत में मसूर की फसल बोई थी। फसल भी रोग लगने के कारण चौपट हो गई। इधर, कर्ज की भरपाई न कर पाने से परेशान होकर किसान ने खुदकुशी कर ली। मृतक के चाचा ने यह भी बताया कि रामरूप ने चार दिन पहले ही फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया था। उस वक्त मौके पर पहुंचे घरवालों ने उसे बचा लिया। घरवालों ने उसे समझाया भी था। लेकिन वह परेशान था। इधर, उसकी पांच बकरियां भी मर गईं थीं। मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा दो बेटी, दो बेटा छोड़ गया है।

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