मानिकपुर/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । ब्लॉक संसाधन केंद्र में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण के दूसरे दिन बुधवार को खंड शिक्षाधिकारी मिथलेश कुमार ने कहा कि शिक्षक संदर्शिका का उपयोग करते हुए निपुण विद्यालय बनायें। उन्होंने मॉडल स्कूल पीएस मानिकपुर रूरल का उदाहरण देते हुए कहा कि संकल्प शक्ति व अनुशासन से सभी लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण में मौजूद विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने सहायकों को साथ में लेकर विद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाई।
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| चर्चा करते शिक्षक। |
बुधवार को सत्र की शुरुआत में एआरपी राकेश सिंह पटेल ने कक्षा कक्ष की चुनौतियों पर चर्चा की। अध्यापकों को तैयारी के साथ कक्षाकक्ष में जाना चाहिए। किसी दिन एक साथ कई कक्षाओं में पढ़ाना है तो पीयर लीडर की मदद से बच्चों के स्तर अनुरूप शिक्षण योजना चलानी चाहिए। एनसीईआरटी आधारित नई पाठ्य पुस्तकों की चर्चा करते हुए एआरपी अवधेश कुमार ने बताया कि ये पुस्तकें बच्चों के चहुंमुखी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। घर परिवार, हरी भरी दुनिया, खानपान, त्यौहार व मेले आधारित थीम पर तैयार की गई किताबों में प्रारंभिक अवस्था में सीखने के सहज तरीके बताये गये हैं। आंकलन व रिमिडियल टीचिंग संबंधी सत्र लेते हुए एआरपी त्रिभुवन सिंह ने कहा कि आंकलन से जहां बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता चलता है वहीं रिमीडियल टीचिंग में मदद मिलती है। एआरपी गया प्रसाद ने ट्रैकरों पर चर्चा की तो अजय कुमार ने प्रिंट रिच सामग्री के इस्तेमाल की जरूरत पर अपनी बात रखी। प्रशिक्षण में अक्टूबर व दिसंबर में निपुण घोषित होने वाले विद्यालयों के 50 अध्यापकों ने प्रतिभाग किया। यह बैच शुक्रवार को समाप्त हो जायेगा।


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