बुधवार की सुबह नौ बजे जिलाधिकारी ने किया महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण
बांदा, के एस दुबे । महिला अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हो गई। बुधवार को जिलाधिकारी जे. रीभा ने महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गैरहाजिर मिले छह डॉक्टरों, एक स्टाफ नर्स समेत दो लैब टेक्नीशियन और आठ अन्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गौरतलब हो कि जिलाधिकारी जे. रीभा के द्वारा महिला अस्पताल पर की गई यह पहली कार्रवाई है। बुधवार को जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान महिला अस्पताल में पीएनसी वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, लेबर रूम, ओपीडी का निरीक्षण कर
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| महिला अस्पताल में रजिस्टर चेक करतीं डीएम जे. रीभा। |
महिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं देखी गयीं। पीएनसी वार्ड में नवप्रसूताओं के केसशीट न मिलने एवं स्टाफ नर्स के अनुपस्थित मिलने पर स्टाफ नर्स का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए छह डाक्टर, दो लैब टेक्नीशियन और आठ अन्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। मेडिकल स्टाफ का ड्यूटी चार्ट तैयार करके डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करने, प्रसव उपरान्त नवप्रसूताओं को कम से कम 48 घण्टे मेडिकल देखरेख में अस्पताल में रखने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। महिला अस्पताल में मौजूद रहे प्रसूताओं के परिजनों ने कहा कि लगातार बुलाने के बावजूद स्वास्थ्य कर्मचारी डि्रप बदलने तक के लिए नहीं पहुंचते हैं। चिकित्सकों के आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। जमकर लापरवाही की जा रही है। जिलाधिकारी की यह कार्रवाई उचित है। मरीजों के तीमारदारों ने यह भी कहा कि सीएमएस का चिकित्सकों पर कोई कंट्रोल नहीं रह गया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि लापरवाही करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


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