बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहा किसान, सरकार बेपरवाह
बांदा, के एस दुबे । भारतीय किसान यूनियन कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, मंडल अध्यक्ष कमल नयन पटेल और जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह पटेल के संयुक्त नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ गुरुवार को स्वतंत्रता स्मारक अशोक तले बैठकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू नेताओं ने बताया कि किसान पहले से ही बढ़ती लागत, मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। ऐसी व्यापारिक डील उन्हें आर्थिक रूप से और कमजोर करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बाद में भाकियू पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में भी धरना दिया। राष्ट्रपति
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| धरने में बैठे भाकियू पदाधिकारी। |
को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इसमें कहा है कि इस व्यापारिक डील से देश के किसानों के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। केंद्र सरकार की इस नीति से भारतीय कृषि व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। किसानों का तर्क था कि यदि अमेरिका से कृषि और अन्य वस्तुएं भारत में बिना टैक्स के आएंगी, तो देश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। आरोप लगाया कि भारतीय किसानों को अपने उत्पाद अमेरिका भेजने के लिए 18 प्रतिशत से लेकर 29 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता है, जबकि अमेरिकी उत्पादों को भारत में छूट मिल रही है, जो किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान संदीप सिंह, रामेंद्र शुक्ला, रामदास साहू, कामता प्रसाद, मनोज द्विवेदी, बृजेश त्रिपाठी, प्राची सिंह, जयराम तिवारी, अवधेश कुमार समेत पदाधिकारी व कार्यकर्ता और किसान शामिल रहे।


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